पिंजरे में कैद तोते की तरह है CBI जो मालिक की आवाज बोलता है: SC

कोर्ट ने सरकार और सीबीआई की फटकार लगा दी मगर अभी तक कानून मंत्री अश्विनी कुमार पर कोई टिप्पणी नहीं की है मगर वो मुश्किल का सामना कर सकते हैं। उल्ल्ेखनीय है कि कानून मंत्री अश्विनी कुमार और रेल मंत्री पवन कुमार बंसल के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष लगातार हंगामा कर रहा है। ऐसे में कोर्ट का ये फैसला कानून मंत्री के लिये तो खतरनाक साबित हो सकता है।
मालूम हो कि दो दिन पहले ही सीबीआई ने ड्राफ्ट रिपोर्ट में सरकारी दखलअंदाजी के मुद्दे पर हलफनामा दाखिल किया था। सुप्रीम कोर्ट ने सवाल किया कि आखिर सीबीआई इस केस में कर क्या रही है। वो इस मामले की जांच कर रही है या सहयोग कर रही है। सीबीआई निदेशक रंजीत सिन्हा ने सुप्रीम कोर्ट में 9 पन्नों का एफिडेविट दायर किया था। सीबीआई ने माना था कि सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट दिखाए जाने से पहले कानून मंत्री और पीएमओ ने रिपोर्ट देखी थी और उसमें बदलाव भी करवाए थे।












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