हिन्दी-चीनी भाई-भाई के नाते पीछे हटी चीनी सेना
नई दिल्ली (ब्यूरो)। दौलत बेग ओल्डी से चीन की सेना के पीछे हटते ही तमाम कयास शुरू हो गये। मीडिया के एक वर्ग से खबर आयी कि चीनी ड्रैगन भारतीय सेना की ताकत से डरकर पीछे हटा, जबकि सच तो यह है कि इसके पीछे सिर्फ एक मात्र कारण है- हिन्दी चीनी भाई-भाई। जी हां अगर ताज़ा रिपोर्ट की बात करें तो दोनों देशों के बीच एक डील हुई, जिसके अंतर्गत चीन ने उसी शर्त पर अपनी सेना को पीछे हटाया, जब भारत ने यह वादा किया कि वो चुमार के पास एलएसी से अपने बंकर नष्ट कर देगी। और खबर है कि बंकर नष्ट कर भी दिये गये हैं।
असल में यही वो बंकर हैं, जो चीन का हमेशा से अखरते रहते हैं। दोनों देशों के बीच मैत्रीय संबंध होने के चलते चीन को सीमा पर सेना के बंकर बर्दाश्त नहीं हो रहे थे। हालांकि भारत ने वो बंकर पड़ोसी देश पर नज़र रखने के लिये नहीं बनाये हैं, बल्कि यहां से काराकोरम हाईवे पर नजर रखने के लिये बनाये थे।
अंग्रेजी अखबार टीओआई ने इस संबंध में एक खबर प्रकाशित की, जिसमें यह दावा किया कि इसी डील के बाद ही चीनी सेना पीछे हटी। अखबार का दावा है कि चीन में भारतीय उच्चाधिकारी एस जयशंकर ने चीनी सरकार पर दबाव बनाया कि यदि सेना को नहीं हटाया गया, तो सलमान खुर्शीद की चीन यात्रा रद्द की जा सकती है। यही नहीं चीनी प्रधानमंत्री की भारत यात्रा पर भी संकट के बादल छा सकते हैं। खुर्शीद की चीन यात्रा 9 मई को प्रस्तावित है, जबकि वहां के प्रधानमंत्री ली केजियांग 20 मई को दिल्ली आने वाले हैं।
उधर अखबार की रिस रिपोर्ट को भारत ने सिरे से खारिज करते हुए कहा कि भारत-चीन के बीच कोई डील नहीं हुई है। सच पूछिए तो सरकार को मीडिया से मुखातिब होकर इस बात को साफ करना चाहिये कि आखिर चुमार में बंकर क्यों तोड़े गये।













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