तेजाब की शिकार युवती की हालत गंभीर, रेलवे देगा इलाज का खर्च

उन्होंने कहा, उसे अभी तक गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) में रखा गया है। अब तक उसकी हालत में कोई सुधार नहीं आया है। प्रीति अपने पिता के साथ पिछले गुरुवार को पहली मुम्बई आई थी। मुम्बई के बांद्रा स्टेशन पर गरीब रथ रेलगाड़ी से उतरते ही एक अज्ञात युवक ने प्रीति के चेहरे पर तेजाब फेंक दिया। वे नई दिल्ली से यहां पहुंचे थे।
राठी के अनुसार प्रीति दक्षिण मुम्बई के कोलाबा में सैन्य अस्पताल में नर्स लेफ्टिनेंट के रूप में नई नौकरी शुरू करने आई थी। अब प्रीति के परिवार को यह समझ में नहीं आ रहा है कि रक्षा विभाग में उसके नौकरी का क्या भविष्य है। राठी ने कहा, हम औपचारिक तौर पर मुम्बई में (सोमवार को) सैन्य अधिकारियों से सम्पर्क कर प्रीति का पक्ष रखेंगे। इसके बाद निर्णय करना उनके हाथ में है।
इस बीच भारतीय रेलवे ने प्रीति के इलाज पर आ रहे सभी खर्चो को वहन करने का निर्णय किया है, क्योंकि यह हादसा रेल परिसर में हुई है। इससे प्रीति के परिवार को काफी राहत मिली है। मसीना अस्पताल के निदेशक आरबी दस्तूर ने कहा कि तेजाब से जलने और मुंह के रास्ते तेजाब के अंदर चले जाने तथा श्वास मार्ग से इसके प्रभाव के कारण प्रीति के अंदरूनी हिस्से जल गए हैं तथा उसके दाहिने आंख की रोशनी पूरी तरह चली गई है।
और अब तक की स्थिति के मुताबिक बायीं आंख पूरी तरह बच गई है। मुम्बई पुलिस ने घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हमलावर के स्केच जारी किए हैं, लेकिन चार दिन बाद अभी तक उसे पकड़ा नहीं जा सका है। पुलिस ने प्रीति, उसके पिता, भाई विनोद कुमार सिंह तथा भाई की पत्नी सुनीता सिंह से भी पूछताछ की।












Click it and Unblock the Notifications