नरेंद्र मोदी पर जारी रहेगा अमेरिकी वीजा प्रतिबंध
वॉशिंगटन। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी पूरे देश में घूम-घूम कर और दुनिया के अलग-अलग कोने में टेलीकॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपना जादू बिखेर रहे हैं, लेकिन अमेरिका के लोगों पर उनका जादू अभी चल नहीं पाया है। सीधी बात करें तो मोदी पर से अमेरिकी वीजा दिये जाने का प्रतिबंध फिलहाल जल्दी हटने वाला नहीं।
असल में अमेरिका के एक अमेरिकी कांग्रेस द्वारा गठित एक स्वतंत्र संगठन ने अमेरिकी सरकार से मांग की है, कि नरेंद्र मोदी पर यह प्रतिबंध अभी जारी रखा जाये। संगठन का मानना है कि अभी तक यह पूरी तरह सिद्ध नहीं हो पाया है कि गुजरात दंगों में मोदी की कोई भूमिका नहीं थी।

धार्मिक स्वतंत्रता पर काम कर रहे इस संगठन का नाम है यूएस कमीशन फॉर इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम। संगठन की अध्यक्षा कैटरीना लैन्टोस स्वेट ने कहा कि उनके संगठन की एक रिपोर्ट के अनुसार कहीं न कहीं हिंसा भड़काने में मोदी की भूमिका रही। एक प्रेसवार्ता में उन्होने एक रिपोर्ट प्रेषित की, जिसमें भारत को धार्मिक स्वतंत्रता के मामले में दूसरे दर्जे के देशों में शामिल किया। इस दर्जे में भारत, अफगानिस्तान, रूस, लाओस, कजाकस्तान, क्यूबा, इंडोनेशिया जैसे देश हैं। साथ ही संगठन ने इसमें पाकिस्तान, इराक, नाईजीरिया, तजिकिस्तान, मिस्र, विएतनाम और तुर्कमेनिस्तान को शामिल करने की मांग की।
रिपोर्ट के अनुसार सिर्फ नरेंद्र मोदी एक ऐसे व्यक्ति हैं, जिन पर अमेरिका में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है। यह मार्च 2005 में लगाया गया था।












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