दागियों और रिश्तेदारों के बल पर आम चुनाव में उतरेंगी 'बहनजी'

BSP chief Mayawati
लखनऊ। वर्ष 2014 में होने वाले लोकसभा चुनाव की जंग के लिए बहुजन समाज पार्टी (बसपा) उत्तर प्रदेश में वही दांव आजमाने की तैयारी में है, जिससे कभी वह बार-बार परहेज करने का दावा करती रही है। मायावती ने जिन 36 लोकसभा प्रत्याशियों की सूची जारी की है, उसमें उन्होंने बड़े नेताओं के रिश्तेदारों का खास ख्याल तो रखा ही है, साथ ही दागियों पर भी भरोसा दिखाने से नहीं चूकी हैं। राजधानी लखनऊ के रमाबाई मैदान में अक्टूबर 2012 में आयोजित ऐतिहासिक रैली में मायावती ने अपने कार्यकर्ताओं को सार्वजनिक मंच से संबोधित करते हुए दो प्रमुख बातें कही थीं। उनका कहना था कि पार्टी के किसी भी नेता के रिश्तेदार को चुनाव लड़ने के लिए टिकट नहीं मिलेगा, चाहे वह खुद ही उनका सगा संबंधी क्यों न हो। दूसरी प्रमुख बात उन्होंने यह कही थी कि दागी छवि के लोगों के लिए पार्टी में कोई जगह नहीं है।

मायावती ने गुरुवार को बसपा के महासचिव सतीश मिश्र के आवास पर ब्राह्मण भाईचार सम्मेलन में जब 36 लोकसभा प्रत्याशियों की सूची जारी की, तब उनके इन दावों की हवा निकल गई। सूची में अधिकांश वही लोग निकले जो या तो किसी के रिश्तेदार हैं या तो फिर वह कभी खुद मायावती के कोप का शिकार रहे हैं। मायावती द्वारा घोषित 36 प्रत्याशियों की सूची में 17 उम्मीदवार अनुसूचित जाति और जनजाति आरक्षित सीटों के लिए थे जबकि 19 उम्मीदवार ब्राह्मण बिरादरी से जुड़े हैं। रिश्तेदारों की बात करें तो बसपा में अपनी हनक रखने वाले पूर्व ऊर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय की पत्नी सीमा उपाध्याय को फतेहपुर सीकरी सीट के लिए उम्मीदवार बनाया गया है।

रामवीर के भाई मुकुल उपाध्याय को गाजियाबाद से उतारा गया है यानी मायावती ने एक ब्राह्मण परिवार के दो व्यक्तियों पर भरोसा जताया है। बसपा के अंबेडकर नगर से सांसद राकेश पांडेय भी अपने भाई पवन पांडेय को लोकसभा का टिकट दिलाने में कामयाब रहे हैं। पवन को सुल्तानपुर से टिकट दिया गया है। लोकायुक्त की जांच से घिरे पूर्व मंत्री सदल प्रसाद और राकेश धर त्रिपाठी का टिकट विधानसभा चुनाव में काट दिया गया था लेकिन बसपा प्रमुख ने इन दोनों दागियों पर एक बार फिर अपना भरोसा जताया है। सदल को बांसगांव और त्रिपाठी को मिर्जापुर से उतारा गया है।

पूर्व मंत्री बच्चा पाठक के भतीजे वीरेंद्र पाठक को बलिया से टिकट दिया गया है तो पूर्व सांसद रमेश शर्मा की पत्नी अनुराधा शर्मा झांसी से चुनाव लड़ेंगी। रिश्तेदारों के अलावा विधानसभा चुनावों में किस्मत आजमा चुके कई पूर्व विधायकों पर भी मायावती ने भरोसा जताया है। प्रत्याशियों की सूची में रिश्तेदारों और दागियों के शामिल होने के सवाल पर हालांकि बसपा का कोई भी बड़ा नेता बोलने को तैयार नहीं है। काफी कुरेदे जाने पर बसपा के एक नेता इतना जरूर कहते हैं, जब बहन जी की मुहर लग चुकी है तो फिर सब कुछ सही है लेकिन लोकसभा उम्मीदवारों की सूची में रिश्तेदारों का बढ़ता दायरा पार्टी के भविष्य के लिए शुभ संकेत नहीं है। (आईएएनएस)

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+