नदियों की सफाई के लिए गंगा अभिषेक अभियान
लखनऊ। अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रमुख डा. प्रणव पण्ड्या ने कहा कि गंगा अभिषेक अभियान से नदियों को निर्मल-स्वच्छ बनाएंगे। 15 मई से अभियान हरिद्वार से शुरू होगा, जिसमें पचास हजार कार्यकर्ता जुटेंगे। गंगा नदी की स्वच्छता के साथ ही यमुना, नर्मदा और गोमती नदी को निर्मल स्वच्छ बनाने के अभियान में करीब 15 साल लगेंगे।
इसके अलावा गायत्री परिवार समाज में आस्था के संकट को दूर करने और मानवीय मूल्यों की स्थापना के लिए शहर और गांव में कई योजनाएं चलाएगा। अपने दो दिवसीय दौरे में गायत्री परिवार के प्रमुख डा. प्रणव पण्ड्या ने कहा कि गंगा सफाई के तमाम अभियान चले लेकिन नतीजा सिफर रहा है। हरिद्वार में गंगा का पानी पीने के लायक नहीं है। जल जीवन है, इसे समझने की जरूरत है।
गंगा जल के लिए पौराणिक मान्यता है कि जीवन के अंतिमक्षण में गंगा जल उनके मुंह में डाला जाय, तो मोक्ष की प्राप्त होती, लेकिन हकीकत में गंगा जल अभी पीने लायक नहीं है। इसीलिए गंगा अभिषेक चलाने की जरूरत पड़ी। हमारे अभियान के चलने पर गंगा जल मुंह में डालने लायक होगा।

15 मई से हरिद्वार से शुरू होने वाले अभियान के लिए गंगा प्रज्ञा मण्डल गठित किया गया है। गंगा उद्गम से लेकर अंत तक अभियान के तहत 100-100 सेक्टर बांटे गये हैं। उन्होंने कहा कि इस काम में कई गैर सरकारी संगठन भी सहयोग देने को तैयार हैं। गंगा के साथ यमुना, नर्मदा व गोमती नदी को निर्मल बनाया जाये। अभियान के तहत कार्यकर्ता लोगों को जागरूक भी करेंगे। नदियों के तटों और तीर्थो को हरी चुनर (पौधारोपण) से भर देंगे। देश में सात लाख से अधिक मंदिर हैं, वहां पर जागरूकता अभियान चलेगा। मंदिर के ट्रस्ट व समितियों से कार्यकर्ता सम्पर्क करेंगे और श्रद्धालुओं को समझाया जाएंगे, जो कृत्य पर्यावरण को नुकसान पहुंचाएगा उसे बंद करें।
मसलन, मंदिर में अगरबत्ती जलाकर माचिस की डिब्बी नहीं फेंकना है। डा. पण्ड्या ने कहा कि समाज में संस्कारों की कमी और आस्था पर संकट को दूर करने के लिए शहर व गांवों में कई योजनाएं चलेंगी। इसी कड़ी में श्रीराम स्मृति उपवन बनाये जा रहे हैं। अभी 54 बने हैं और 24 हजार बनाने का लक्ष्य है। अगले वर्ष अखिल भारतीय गायत्री परिवार के संस्थापक युगऋषि आचार्य श्रीराम शर्मा की आगरा में जन्मस्थली पर एक भव्य मंदिर का लोकार्पण होगा, मंदिर निर्माण जारी है। उन्होंने कहा कि पूरे विश्व में 10 करोड़ अखिल भारतीय गायत्री परिवार के कार्यकर्ता हैं। भारत में चार हजार व विदेश में तीस केन्द्र संचालित हैं। देव संस्कृति विश्वविद्यालय के जरिए अध्यात्म, विज्ञान और मानवीय मूल्यों की शिक्षा दी जाती है। भविष्य में शिक्षा योजना का विस्तार करेंगे।












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