मस्ती में डूबने को तैयार होरियारों की टोली
लखनऊ। होली का नाम आते ही मौज-मस्ती का मूड बनना शुरू हो जाता है। लेकिन जब बात होरियारों की टोली के साथ ढोल-भांगडे और बैंड बाजा भी हो तो बात ही कुछ है। ऐसा ही इस बार होली के दिन नवाबों के शहर लखनऊ से निकलने वाले प्राचीन होली जुलूस में मस्ती के साथ धूम मचाने के लिएयोजना बनाई गई है।
ढोल-भांगडे, बैंड बाजा और मोर बिन की धुन पर नाचने-थिरकरने के लिए युवक काफी उत्साहित हैं। लोगों ने चौक इलाके से हर साल निकलने वाले ऐतिहासिक रंगारंग होली जुलूस में इस बार भी मौज-मस्ती और गंगा-जमुनी संस्कृति की परम्परा निभाने की तैयारी की है। एक सप्ताह बाद होली है लेकिन अभी से दुकानों रंगों और सीडी कैसेट की दुकानों पर होरिया में उड़े रे गुलाल.....रंग बरसे भीगे चुनर वाली...सरीखे तमाम गानें सुनाई पडने लगे हैं।
होलिकोत्सव समिति के संयोजक ओम प्रकाश दीक्षित बताते हैं कि इस वर्ष 27 मार्च को सुबह दस बजे कोनेश्वर मंदिर से होली जुलूस निकाला जाएगा। ऊंट, घोडे, मोर बीन और बैंडबाजा के साथ धूम-धाम से जुलूस निकालने की तैयारियां तेज हो गई हैं। उन्होंने बताया कि जुलूस की अगुवाई भाजपा के वरिष्ठ नेता, सांसद और समिति के संस्थापक संरक्षक लालजी टंडन करेंगे।
उन्होंने बताया कि होलिकोत्सव समिति की ओर से निकालने वाला होली जुलूस गंगा-जमुनी संस्कृति का हस्ताक्षर है। पिछले 45 वर्षों से निकलते आ रहे इस जुलुस में इस वर्ष भी सभी वर्गों के लोग शिरकत करेंगे। श्री दीक्षित ने बताया कि जुलुस कोनेश्वर मंदिर से निकल कर चौक, गोल दरवाजे होकर अकबरी गेट, पाटा नाला होते हुए चौक चौराहे पर पहुंचता है। इस दौरान मुस्लिम वर्ग के लोग गंगा जमुनी संस्कृति वाले इस जुलुस का जोर-शोर से स्वागत-सत्कार करते हैं।
उधर शुभ संस्कार समिति के नेतृत्व में चौपटियां से होली जुलूस की तैयारियां भी तेज हो गई हैं। गाजे-बाजे और भांगडे के साथ निकलना यह जुलुस भी अकबरी गेट होकर चौक चौराहे पहुंचता है जहां दोनों जुलूस का जोरदार स्वागत किया जाता है।
हाथी पर मंहगाई की छाया
इस बार चौक से निकलने वाले होली जुलूस में हाथी के शामिल होने की उम्मीद बहुत कम है। ऐसा इसलिए है क्योंकि हाथी पर महंगाई की छाया पड गई है। ओम प्रकाशी दीक्षित बताते हैं कि मोरबीन, घोडे, ऊंट, बैंड-बाजा, भांगडा के साथ अबीर गुलाल की बुकिंग हो गई है। लेकिन हाथी का किराया इस बार 15 हजार रूपए पहुंच गया है। वह भी पहले से बुकिंग कराने के बाद हरदोई से आएगा। ऐसे में हाथी के आने की उम्मीद कम है।













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