सपा के गढ़ में मुलायम पर बुखारी का हल्ला बोल!

बुखारी ने सपा से रिश्ते तोड़ने की घोषणा करते हुए कहा कि सपा से अपने रिश्तों को लेकर मुलायम को एक चिट्ठी भेजी गयी है। बुखारी ने साथ ही अपने सभी रिश्तेदारों को सपा से नाता तोड़ने के लिए भी कह दिया है। इसी कड़ी में उनके दामाद उमर अली खान ने भी विधान परिषद की सदस्यता से अपना इस्तीफा दे दिया। बुखारी के एक रिश्तेदार वसीम अहमद खान ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
बुखारी ने अखिलेश यादव पर अल्पसंख्यकों के हितों की रक्षा न कर पाने का आरोप लगाया। बुखारी ने कहा कि वह इटावा में एक बड़ी रैली करेंगे और वहां पर विभिन्न जिलों में हुए दंगे में पीड़ित मुसलमानों को बुलाया जाएगा। रैली के माध्यम से मुसलमानों को सपा की हकीकत बताने का प्रयास किया जाएगा। बुखारी ने आरोप लगाया है कि मुलायम ने वादा किया था कि जिलों में तैनात होने वाले अधिकारियों में मुस्लिम अधिकारियों की संख्या बढ़ायी जाएगी। इसके अलावा उन्होंने मुसलमानों को 18 फीसदी आरक्षण देने का भी वादा किया था। अभी तक उन्होंने कोई भी वादा पूरा नहीं किया है।
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, मोहम्मद आजम खान का पर कतरने समेत कुछ मांगों पर बुखारी का जोर है। लेकिन पार्टी नेतृत्व आजम खान को लेकर उनकी मांग मानने के लिए सहमत नहीं है। राज्य सरकार में शहरी विकास और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद आजम खान पार्टी नेतृत्व के करीबी माने जाते हैं, लेकिन बुखारी के साथ उनका छत्तीस का आंकड़ा है। शाही इमाम का समर्थन खोने से सपा की आगामी लोकसभा चुनाव में मोलजोल करने वाली एक ताकत के रूप में उभरने की आकांक्षा पर असर पड़ सकता है। (आईएएनएस)












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