कावेरी अधिसूचना को लेकर कर्नाटक बवाल, जमकर तोड़फोड़
बैंगलोर। कावेरी जल विवाद न्यायाधिकरण (सीडब्ल्यूडीटी) के अधिनिर्णय को बुधवार को अधिसूचित किए जाने के बाद कर्नाटक में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। प्रदर्शनकारियों ने बेंगलुरु और मैसूर रेलवे स्टेशन के कार्यालयों में जमकर तोड़-फोड़ की। पुलिस प्रवक्ता ने पत्रकारों को बताया कि कर्नाटक रक्षना वेदिकी (कर्नाटक सुरक्षा मंच) के सदस्यों ने दो जगहों पर खिड़की के शीशे और फर्नीचर तोड़ दिए।
वेदिकी के सदस्यों ने मैसूर में ट्रेनों को रोकने का प्रयास किया। कन्नड कार्यकर्ताओं ने बैंगलोर से 80 किलोमीटर दूर कावेरी आंदोलन के गढ़ मांड्या में सड़क जाम कर दी। उत्तरी कर्नाटक के हुबली और मध्य कर्नाटक के देवांगिरी और कुछ अन्य जगहों पर विरोध प्रदर्शन होने की खबर है। केंद्र सरकार ने सीडब्ल्यूडीटी के अधिनिर्णय को बुधवार को अधिसूचित किया। न्यायाधिकरण ने अपना अधिनिर्णय पांच वर्ष पहले दिया था, उस समय भी कर्नाटक ने इसका विरोध किया था।

राज्य की पानी की जरूरतों के साथ अन्याय को आधार बनाते हुए कर्नाटक ने इस अधिनिर्णय को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती भी दे चुका है। कर्नाटक ने 465 टीएमसी फीट पानी चाहा था, लेकिन न्याधिकरण ने उसे महज 270 टीएमसी फीट ही पानी दिया। सीडब्ल्यूडीटी ने तमिलनाडु को उसके 562 टीएमसी फीट मांग के विरुद्ध 419 टीएमसी फीट, वहीं केरल को 30 टीएमसी फीट और पुड्डुचेरी को 7 टीएमसी फीट पानी देने का निर्णय दिया था। केंद्र सरकार ने अधिसूचना की कार्रवाई सर्वोच्च न्यायालय के 4 फरवरी के एक आदेश के तहत की, जिसमें अधिसूचित किए जाने की सीमा 20 फरवरी तक तय की गई थी।












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