मदनी का मोदी प्रेम देख क्यों भड़के मुस्लिम संगठन?
अहमदाबाद (वनइंडिया ब्यूरो)। मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिन्द के महासचिव महमूद मदनी ने नरेंद्र मोदी के प्रति प्रेम दर्शाया तो तमाम अन्य मुस्लिम संगठन उनके खिलाफ खड़े हो गये। एक सर्वेक्षण के अनुसार 79 फीसदी लोग कहते हैं कि अब मुस्लिमों के अंदर मोदी के प्रति प्रेम जागने लगा है। तो इन संगठनों में ऐसी नाराजगी क्यों जागी?
इस सवाल का उत्तर एकदम साफ है। लेकिन उत्तर देने से पहले हम आपको बताते हैं मदनी ने क्या कहा। मदनी ने टीवी चैनल आज तक से कहा, "नरेंद्र मोदी में कुछ तो बात है, तभी मुसलमानों के वोट उन्हें मिले हैं। हालात बदले हैं, जमाना भी बदला है। गुजरात में लोगों के सामने दो मेहरबान थे, लेकिन लोगों ने मोदी को ही चुना। रही बात राजनेताओं की तो कोई दूध का धुला नहीं है।"

मोदी के प्रति यह प्रेम छलका ही था कि मुस्लिम संगठनों ने मदनी का विरोध कर दिया। कई मुसिलम संगठनों के पदाधिकारियों ने मदनी के घर पर फोन भी किये, जिसके बाद मदनी ने कहा कि उनके बयान को तोड़मरोड़ कर पेश किया गया है। मदनी ने कहा कि उन्होंने बयान गुजरात के परिप्रेक्ष्य में दिया था।
सोचने वाली बात यह है कि टाईम्स ऑफ इंडिया द्वारा कराये गये सर्वेक्षण में जहां 79 फीसदी लोग यह कहते हैं, कि मुसलमानों का नजरिया मोदी के प्रति अब बदल गया है, तो मदनी के बयान पर बवाल क्यों मचा। असल में जिन लोगों ने बवाल किया वो उन 21 फीसदी लोगों में से हैं, जो सर्वे के परिणामों के विपरीत सोच रखते हैं। खैर जो भी हो, आज मदनी ने कहा है, तो कल और भी मुस्लिम धर्मगुरु मोदी के पक्ष में जरूर बोलेंगे, यह बात तो तय है। आगे पढ़ें- ... लेकिन कोई राम बनने को तैयार नहीं!












Click it and Unblock the Notifications