महाकुंभ के मेले में भी वैलेंटाइन डे की धूम
नैनी-इलाहाबाद। वैलेंटाइन डे के उपलक्ष्य में जब दुनिया भर के लोगों ने अपने-अपने ढंग से प्यार से इजहार करने के तरीके खोजे, वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं, जिन्होंने प्यार के इस पर्व को महाकुंभ के मेले में एक अनोखे ढ़ग से मनाया। ऐसे लोगों की संख्या 500 के ऊपर थी और उन सब की वैलेंटाइन सिर्फ एक- गंगा मैया।
संगम के तट पर गंगा एक्शन परिवार, परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश के शिविर में उपस्थित देश-विदेश के नर-नारियों ने मां गंगा के प्रति प्रेम बढ़ाने, उस प्रेम को सिद्ध करने के लिए मां को निर्मल रखने और उनमें किसी प्रकार का प्रदूषण जाने के लिए पुरजोर कोशिश करने तथा पर्यावरण संरक्षण के हर सम्भव प्रयास करने के संकल्प लिया। पैंतालीस देशों के लगभग पांच सौ पर्यावरण व गंगा प्रेमियों ने यमुना और गंगा के किनारे वैलेंटाइन रैली भी निकाली।
इस अवसर पर परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष श्री स्वामी चिदानन्द सरस्वती ‘मुनि जी महाराज' ने कहा कि गंगा भारत का अतीत, वर्तमान और भविष्य हैं। भविष्य को सुखमय और सुदृढ़ बनाने के लिए वर्तमान को सशक्त बनाना बहुत जरूरी होता है। गंगा का वर्तमान ठीक नहीं है, जिसे दुरुस्त करने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ कटिबद्ध होकर सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। भारत के भौतिकीय एवं सांस्कृतिक विकास में गंगा के योगदान की चर्चा करते हुए उन्होंने गंगा संरक्षण के लिए गंगा किनारे अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने, किसी भी प्रकार का प्लास्टिक और कूड़ा गंगा में नहीं जाने देने का आह्वान गंगा किनारे बसे नगरों एवं ग्रामों के नर-नारियों से किया। उन्होंने उद्योग जगत का भी आह्वान किया कि वह स्वधर्म का पालन करने के लिए आगे आयें।
साध्वी भगवती सरस्वती ने कहा कि गंगा केवल व्यक्ति को दिव्यता प्रदान करने, मोक्ष देने और आध्यात्मिक सम्बन्ध बनाने के लिए ही नहीं, बल्कि वह करोड़ों भारतीयों की जीवन रेखा हैं। न केवल भारतीयों बल्कि परोक्ष रूप से वह पूरे विश्व को दिव्यता एवं प्राण देती हैं। उन्होंने कहा कि करोड़ों लीटर विषाक्त गन्दगी, मानव मल और कूड़ा-करकट गंगा में प्रतिदिन डाला जा रहा है। इसे तुरन्त रोकना बहुत जरूरी है। उन्होंने वैलेंटाइन का दायरा बढ़ाकर गंगा, प्रकृति एवं पर्यावरण से प्रेम बढ़ाने तथा पूरी मानवता से प्यार करने की अपील की।
श्रीश्री रविशंकर का संदेश
आर्ट ऑफ लिविंग के प्रणेता श्रीश्री रविशंकर को भी कार्यक्रम में भाग लेना था लेकिन वह यातायात समस्याओं के कारण परमार्थ शिविर तक नहीं पहुँच सके। उन्होंने अपने सन्देश में कहा कि हम प्रतिदिन पवित्र नदी गंगा और यमुना के जल का प्रयोग विभिन्न कामों के लिए करते हैं, लेकिन आज गंगा अपने पुत्रों से अपनी स्वच्छता व निर्मलता का आह्वान कर रही है। यह केवल सरकारों से सम्भव नहीं है, इसके लिए जनता को साथ देना होगा।
वैलेंटाइन डे प्यार करने और प्यार पाने का दिन है, वास्तव में यह दिवस गंगा व यमुना के नाम पर और उनके लिए प्यार बढ़ाने का दिवस है। आज सांसद श्री धर्मेन्द्र यादव अपने परिजनों के साथ गंगा एक्शन परिवार के शिविर में पहुंचे और श्री मुनि जी महाराज से आशीर्वाद लिया। कुम्भ के अनुभवों को श्री स्वामी जी के साथ साझा करते हुए उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि सन्त और समाज पर्यावरण एवं गंगा-यमुना की स्वच्छता के लिए जागरूक हो रहे हैं। इसमें अग्रणी भूमिका के लिए उन्होंने
गंगा एक्शन परिवार, परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश को बधाई दी।













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