कर्नाटक विधानसभा सत्र: भाजपा के लिए परीक्षा की घड़ी

भ्रष्टाचार के आरोपों को झेलने वाले बीएस येद्दयुरप्पा को मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र देना पड़ा था। पार्टी का कहना था कि कुछ समय बाद उन्हें फिर से मुख्यमंत्री की कुर्सी सौंप दी जाएगी, लेकिन ऐसा न हो सका। इससे नाराज येद्दयुरप्पा ने अलग पार्टी की घोषणा की थी। उनके ही नेतृत्व में दक्षिण भारत में पहली बार भाजपा की सरकार बनी थी।
यह कहा जा है कि आज से प्रारम्भ होने वाले बजट सत्र में हंगामा हो सकता है क्योंकि बागी विधायक पहले से ही नाराज हैं, वहीं विपक्ष भी इस हालात का फायदा उठाते हुए भाजपा सरकार पर हमला करने को तैयार है। इस समय आंकड़ों के लिहाज से भाजपा के लिए सियासी संकट भले ही न हो लेकिन मुख्य चुनौती इसी वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव है। जिसमें जीतना एक बड़ी चुनौती है।
राजनीतिक विशेषज्ञ यह भी मान रहे हैं कि राज्य में इस तरह के माहौल के कारण कांग्रेस को चुनाव में फायदा हो सकता हैं। कर्नाटक विधानसभा में 225 सदस्य हैं, जिसमें भाजपा के पास 119 विधायक थे, जिसमें से 14 सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया है। मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार भी पहले ही किसी भी तरह के सत्ता संकट से इंकार कर चुके हैं। राज्य में होने वाली राजनीतिक हलचल पर भाजपा के बड़े नेताओं की भी पूरी नजर है।












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