IIT की फीस में सालाना 40 हजार रुपए की बढ़ोत्तरी
नयी
दिल्ली। देश के सोलह आईआईटी में इस साल प्रवेश पाने वाले छात्रों को अब हर साल 90 हजार रुपये फीस देनी होगी पर अनुसूचित जाति एवं जनजाति के छात्रों के लिए फीस में कोई वृद्धि नहीं की गयी है। आर्थिक रप से कमजोर वर्ग के 25 प्रतिशत छात्रों को सौ प्रतिशत स्कालरशिप प्रदान की जाएगी बशर्त उनके अभिभावक की सालाना आय साढे चार लाख रपए से अधिक न हो। id="toptextpromo">मानव
संसाधन विकास मंत्री पल्लम राजू ने आज यहां आईआईटी कौसिल की 46वीं बैठक के बाद पत्रकारों को बताया कि देश के सभी आईआईटी को सरकार 80 प्रतिशत फंड देती है और 20 प्रतिशत फंड छात्रों की फीस से आता है। अत: काकोदर समिति की सिफारिशों के अनुरूप आईआईटी को मजबूत बनाने के लिए फीस वृद्ध का निर्णय लिया गया है। ताकि वह आर्थिक रप से स्वायत्त हो सके। id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'> id='top-searched-articles'>उन्होंने
कहा कि अगर किसी छात्र को आईआईटी में दाखिल हो जाता है तो उसे पैसे की कमी के कारण पढाई से वंचित नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आईआईटी के हर छात्र पर सरकार 2.50 लाख रुपए खर्च करती है। वर्ष 2008-09 में पच्चीस हजार से फीस बढाकर 50 हजार रुपए किया गया था। अब पचास हजार रुपए से 90 हजार सालाना किया जा रहा है। हर साल फीस की समीक्षा की जाएगी पर यह जरुरी नहीं कि फीस में वृद्धि हो।











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