पिंडदान करने गए 8 लोग बने काल का ग्रास

घटनाक्रम के अनुसार जींद के समीप पिकअप व स्कूल बस में भिड़ंत से हो गई। सड़क दुर्घटना के शिकार बने सभी व्यक्ति पितरों की शांति के लिए कल देर रात्रि ही गांव से गए थे। नांधा में जैसे ही सड़क दुर्घटना में मौत के आगोश में समाए ओमप्रकाश की धर्मपत्नि संतरा देवी, उसके पुत्र संदीप कुमार व सरोज पत्नि महेन्द्र सिंह के शव एंबुलेंस में गांव में पहुंचे तो चारों तरफ चीख पुकार मच गई जिसको क्षेत्र के मौजिज ग्रामीणों व वृद्ध महिलाओं ने संभालने का प्रयास किया।
इन घरों में मचे रुदन से शोक जताने आए आसपास के गांवों के ग्रामीणों की आंखों से आंसू टपकने लगे। सड़क दुर्घटना में अपनो को खोने वाले दोनों परिवारों को गांव में प्रतिष्ठित परिवार में गिनती होती है जिसके चलते उनके आवास पर दोपहर से ही शोक जताने वालों का तांता लगा रहा। जींद से पोस्टमार्टम के बाद शव काफी देर से आने के कारण भारी भीड़ जमा हो गई।
हादसे में भिवानी जिले के नांदा गांव वासी कर्ण सिंह, संदीप, सरोज, संतरा, जतिन व श्यामपुरा की मंजू, राजस्थान की रामप्यारी की मौत हुई। इनके अलावा कृष्ण, अनिल, रणबीर, वकील सिंह, ज्योति, पुष्पा, पूजा, पिंकी, कोमल तथा सुनीता व सोनिया गंभीर रूप से घायल हैं। इनमें नांदा गांव की भतेरी, सचिन, सिरसाखेड़ी गांव की भतेरी, कर्ण सिंह हनसावास, अनील, बिमला, प्रवीन को पीजीआई रेफर किया गया है।
देर सायं होने के कारण व दुर्घटना का समय काफी बीतने के कारण ग्रामीणों ने जल्दी ही सभी रस्म क्रियाएं पूरी कर तीनों शवों को शमशान पहुंचाया और उनके परिजनों ने उनको मुखाग्रि दी। अंतिम संस्कार में हजकां नेता देवेन्द्र आर्यनगर, पूर्व चेयरमैन डा. सुरेश चंद्र शर्मा, कांग्रेसी नेता सुधीर चांदवास, रमेश नांधा, धर्मसेना प्रदेशाध्यक्ष बलवान आर्य, महेन्द्र शर्मा, सरपंच इंद्रसिंह, पंडित बदरीप्रसाद, पूर्व सरपंच जिलेसिंह, जगत सिंह, रविन्द्र सिंह, राजेन्द्र सिंह, प्राचार्य प्रवीण शर्मा, प्रवक्ता जयपाल सिंह, सतीश कुमार, डीपी सतबीर सिंह, गुगनराम, कप्तान सुबेसिंह, पंडित विजय पवन शर्मा नांधा, पूर्व सरपंच ईश्वर सिंह हंसावास, कपूर सिंह जेवली मौजूद थे।












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