आतंकियों के मुकदमा वापसी के परिणाम गम्भीर होंगें: भाजपा

वह स्पष्ट करे कि आतंकवादी कैसे निर्दोष हो सकता है। क्या बम विस्फोट करना, निर्दोष लोगों की जान लेना, एक समुदाय विशेष हिन्दुओं के आस्था केन्द्र श्री रामजन्म भूमि पर हमला करना निर्दोष का कृत्य हो सकता है। बाजपेई ने कहां कि 23 नवम्बर 2007 को फैजाबाद, बनारस और लखनऊ कचहरी में हुए सिरियल बम धमाकों मे जिसमें 13 लोगों की मौत हुई थी और एक वकिल की मौत हो गई थी अनेकों लोग घायल को गए थे। उस मामले की सुनवाई फैजाबाद जिले तथा लखनऊ और बनारस में भी चल रही है।
ऐसे देश-द्रोही अपराधियों पर से मुकदमा वापसी की बात करना देश-द्रोह जैसा ही है। सपा सरकार के मुकदमा वापसी जैसे वोट बैंक की घोर तुष्टीकरणवादी सोच के कारण फैजाबाद के वकील हड़ताल पर है, पूरा फैजाबाद जनपद आन्दोलित है। वकीलों के साथ समाजिक संगठन, राजनीतिक दल भी आन्दोलन कर रहे है। बाजपेई ने कहा कि सपा सरकार को मौलाना बुखारी के दबाव मे न आकर उनको उनकी हद बता देनी चाहिए। सपा सरकार को पिंजरे में बंद पंछी की तरह बुखारी से बात नही करनी चाहिए। यदि प्रदेश सरकार ने आतंकवादी गतिविधियों में पकड़े गए आतंकियों के ऊपर लगे मुकदमें वापस लिए तो फैजाबाद जनपद की तरह इस आंदोलन को पूरे प्रदेश में होने से कोई रोक नही पायेगा।












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