खुर्शीद ट्रस्ट मामले में यूपी के 16 जिलों में छापेमारी

ईओडब्ल्यू के निशाने पर समाज कल्याण विभाग और इससे जुड़े अधिकारी हैं। टीमें अधिकारियों से पूछताछ कर रही हैं और तमाम कागजात खंगाले गये। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि केन्द्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद के जाकिर हुसैन ट्रस्ट द्वारा विकलांगों को उपकरणों के वितरण में हुई कथित गड़बडियों की जांच की जा रही है और जांच पूरी हो जाने तक इस संबंध में और कुछ कहना उचित नहीं है। उन्होने ने कहा कि चूंकि अभी इस मामले में जांच जारी है, इसलिए फिलहाल इसके बारे में कोई भी टिप्पणी करना उचित नहीं है, यह जांच पूर्ववर्ती बसपा सरकार के शासनकाल में ही शुरू हो गयी थी, जांच पूरी हो जाने तक इसके बारे में कोई टिप्पणी नहीं की जा सकती है। उन्होंने कहा बिना जांच खत्म हुए यह भी कहना ठीक नहीं है कि जांच निष्पक्ष नहीं हो रही है।
उत्तर प्रदेश पुलिस की आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा (ईओडब्ल्यू) इस मामले की जांच पहले शुरू कर चुकी है और आज इसके अधिकारियों ने विकलांग कल्याण विभाग के कुछ दफ्तरों में जाकर जांच के लिए जरूरी दस्तावेज भी एकत्र किये हैं। ईओडब्ल्यू के महानिदेशक सुब्रत त्रिपाठी ने बताया जांच के सिलसिले में ईओडब्ल्यू की टीमों ने राज्य, मंडल और जिला मुख्यालयों पर विकलांग कल्याण विभाग से जरूरी दस्तावेज और फाइलें एकत्र करने का काम शुरू कर दिया है। उनहोने बताया कि जांच दल संबंधित कार्यालयों में जाकर आवश्यक दस्तावेज जुटा रही है और विकलांग कल्याण विभाग जांच में पूरा सहयोग कर रहा है।
इसे छापा अथवा छानबीन कहना उचित नहीं है। उन्होंने कहा इस मामले की जांच की लिए तीन जुलाई को ही आदेश जारी किये गये थे। जांच के लिए चार टीमें गठित की गयी हैं और जांच अपने प्रारंभिक स्तर से आगे बढ़ चुकी है। उन्होने ने बताया मामले की जांच में संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किये गये हैं और आगे भी किये जा रहे हैं। हालांकि जांच प्रारंभिक स्तर से आगे पहुंच चुकी है, मगर इतने चर्चित और संवेदनशील मामले में जांच पूरी हो जाने तक कुछ निष्कर्ष निकालना ठीक नहीं होगा। उन्होंने बताया कि जांच में उपकरणों को बांटने में धन के गबन की आशंकाओं और आरोपों तथा सरकारी मशीनरी के स्तर पर गड़बडियों की आशंकाओं सहित अनेक पहलू शामिल हैं मगर जांच पूरी करने के लिए कोई समय सीमा निर्धारित नहीं है।












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