'सपा शासन बोले तो जंगल राज, भय और आतंक का शासन'

मंत्री का आचरण संविधान की परिधि में आता है। उन्होंने संविधान की मूलभावना को ठेस पहुंचायी है। मंत्री से अपनी जान का खतरा महसूस होने से सीएमओ छूट्टी पर चले गए हैं। मंत्री की दबंगई से भयभीत सीएमओ ने राजधानी में महानिदेशक स्वास्थ्य समेंत तमाम आला अफसरों को अपने साथ हुए दुर्व्यवहार से अवगत कराया है। वाजपेयी ने कहा कि मुख्यमंत्री को जिलाधिकारी गोण्डा अभय के बयान का संज्ञान लेना चाहिए जिसमें जिलाधिकारी ने कहा कि सीएमओ के साथ अनहोनी की आशंका थी वे बेहद भयभीत थे, सुरक्षा की दृष्टि से एडीएम के साथ उन्हें लखनऊ भिजवा दिया गया है।
प्रमुख सचिव गृह आरएम श्रीवास्तव को जिलाधिकारी ने मामले की जानकारी दी है। वाजपेयी ने कहा कि मंत्रियों की अराजकता को देखते हुए मुख्यमंत्री को अपना मंत्री मंडल भंग कर नया मंत्री मंडल बनाना चाहिए। जिसमें दबंग अपराधिक छवि के लोगों का कोई स्थान न रहे। मुख्यमंत्री की छवि पर लगा यह धब्बा तभी छूटेगा। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकार के मंत्री ही यदि आतंक फैलायेंगे, अधिकारियों के साथ गाली-गलौज करेंगे, उनको डरा-धमकाकर मनमाने काम करवायेंगे तो कौन मानेगा कि सपा सरकार के राज में कोई सुरक्षित रहकर अपना काम सही ढंग से कर पायेगा व रह पायेगा। वाजपेयी ने कहा कि यदि मंत्री को बर्खास्त नहीं किया गया तो भाजपा को आपके विरूद्ध मंत्री को संरक्षण देने के कारण विरोध प्रदर्शन करने पर मजबूर होना पड़ेगा।












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