डीएलएफ-वाड्रा के बीच लेनदेन की नहीं होगी जांच: चिदंबरम

चिदंबरम ने कहा कि जब तक किसी के लेने-देने आदि जैसा कोई आरोप सामने नहीं आता तब तक ऐसा नहीं किया जा सकता है। इशारों के आधार पर किसी के नीति मामलों की जांच नहीं की जा सकती है। सामाजिक कार्यकता अरविंद केजरीवाल ने वाड्रा पर आरोप लगाते हुए जांच की मांग की थी। केजरीवाल का आरोप है कि डीएलएफ ने वाड्रा को बिना गारंटी के 65 करोड़ रूपये का व्याजमुक्त कर्ज दिया है।
चिदंबरम ने कहा कि किसी के नीजी सौदों की जांच इस आधार पर नहीं की जा सकती कि ऐसा आरोप लगाया गया है, और जांच शुरू हो जाए। केजरीवाल ने यह भी आरोप लगाया था कि डीएलएफ कंपनी ने केजरीवाल को 300 करोड़ की संपत्ति बहुत की सस्ते दाम पर वाड्रा को बेची थी। इससे पहले वाड्रा ने पलटवार करते हुए केजरीवाल को झूठा और छवि खराब करने वाला बताया था।
वाड्रा ने कहा था कि सभी लेन-देन सरकारी लेखाजोखे में स्पष्ट रूप से दिखाया गया है। डीएलएफ ने भी केजरीवाल द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज किया गया है। कंपनी ने कहा था कि हमने जो भी लेनदेन किया वह पारदर्शी था। गौरतलब है कि केजरीवाल ने आरोप लगाया था कि वाड्रा ने केवल तीन सालों में 50 लाख की पूंजी से लगभग 300 करोड़ की संपत्ति बनाई है। वाड्रा की संपत्ति बढ़ाने में डीएलएफ की अहम भूमिका है। पत्रकार वार्ता के दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि डीएलएफ ने वाड्रा को 65 करोड़ का मुफ्त लोन दिया।












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