केजरीवाल का खुलासा, वाड्रा की संपत्ति बढ़ाने में DLF की भूमिका
नयी दिल्ली (ब्यूरो)। इंडिया अगेंस्ट करप्शन के कार्यकर्ता और अन्ना हजारे से अलग होने के बाद अभी-अभी राजनीति में कदम रखने वाले अरविंद केजरीवाल ने प्रियंका गांधी के पति व सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा पर सनसनीखेज आरोप लगाया है। केजरीवाल ने कहा है कि वाड्रा ने चार सालों में लगभग 300 करोड़ की संपत्ति बनाई। केजरीवाल ने कहा कि साल 2007 से लेकर साल 2010 के बीच रॉवर्ट वाड्रा की प्रॉपर्टी 50 लाख से बढ़कर 300 करोड़ हो गई। केजरीवाल ने सीधे तौर पर आरोप लगाते हुए कहा कि वाड्रा की संपत्ति बढ़ाने में डीएलएफ की अहम भूमिका है।
प्रेस कांफ्रेंस के दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा कि डीएलएफ ने वाड्रा को 65 करोड़ का मुफ्त लोन दिया। डीएलएफ ने कोई सीक्योरिटी भी नहीं ली थी। प्रसिद्ध वकील और अरविंद केजरीवाल के साथी प्रशांत भूषण ने कहा कि आखिर डीएलएफ ने वाड्रा को मुफ्त में लोन क्यों दिया और वो भी 65 करोड़ का? प्रशांत ने पूछा कि क्या डीएलएफ ने शायद इसलिये किया क्योंकि वो कांग्रेस शासित सरकारों से डीएलएफ को खासा फायदा दिला रहे थे? उन्होंने कहा कि डीएलएफ की ज्यादातर जमीन हरियाणा में है। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या जमीन खरीदारी के मामले में डीएलएफ ने वाड्रा की मदद ली? उन्होंने पूछा कि कौन सी एजेंसी इसका जवाब देगी।
देखिये इस मुद्दे पर किसने क्या कहा-

केजरीवाल का खुलासा
केजरीवाल ने वाड्रा पर आरोप लगाया कि दस कंपनियों के माध्यम से यह करोड़ों का घालमेल किया गया। केजरीवाल ने कहा कि इस दस कंपनियों में वाड्रा और उनकी मां का हिस्सा है। केजरीवाल ने कहा कि डीएलएफ ने गुड़गांव में 10 करोड़ के लागत वाले अपार्टमेंट को 75 लाख रुपये में वाड्रा को बेचा। इसके अलावा ग्रेटर कैलाश में एक करोड़ रुपये का फ्लैट खरीदा गया है। जबकि उसकी वास्तविक कीमत पांच करोड़ रुपये से अधिक है। जबकि बीकानेर में 161 एकड़ जमीन खरीदी गई है। मानेसर में 15 करोड़, पलवल में 42 लाख, मेवात में 76 लाख और 69 लाख रुपये की प्रॉपर्टी खरीदी गई है। ये सारी फंडिंग डीएलएफ के माध्यम से हुई है। इसके अलावा साकेत में हिल्टन होटल 150 करोड़ रुपये में खरीदा गया, जिसकी कीमत उस समय 300 करोड़ रुपये से ज्यादा थी और वर्तमान में 500 करोड़ रुपये से ज्यादा है। वहीं केजरीवाल के सहयोगी शांति भूषण ने कहा है कि अब वाड्रा के खिलाफ जांच की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि उनका अपराध साबित हो चुका है। अब उनके खिलाफ सीधी कार्रवाई होनी चाहिए।

बाबा रामदेव
जिस तरह से राष्ट्रीय पक्षी, राष्ट्रीय जानवर घोषित किया जाता है, उसी प्रकार अब एक राष्ट्रीय दामाद घोषित करना चाहिये और उसमें रॉबर्ट वाडरा को रखना चाहिये। अरविंद केजरीवाल ने जिन सवालों को उठाया है, उनसे यह साफ है कि सोनिया गांधी के पूरे परिवार ने मिलकर देश को लूटा है।

कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी
कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा कि टीम केजरीवाल के पीछे भारतीय जनता पार्टी का हाथ है। उन्हीं से प्रेरित होकर वाडरा पर ये आरोप लगाये गये हैं। ऐसे समय में जब चुनाव का बिगुल फूंका जा चुका हो, इस प्रकार के स्टंट कर केजरीवाल के माध्यम से कांग्रेस को बदनाम करने की कोशिश है।

जनता पार्टी के सुब्रमण्यिम स्वामी
कांग्रेस पार्टी हमेशा ऐसे ही हास्यपद जवाब देती है। मैंने जब 2जी पर चिठ्ठी लिखी थी, तब भी उन्होंने ऐसे ही जवाब दिया था। जहां तक वाडरा का सवाल है, तो यह आरोप नया नहीं है। मैं भी वाडरा के खिलाफ केस खुलवाने की तैयारी कर रहा था, केजरीवाल ने अगर यह कर दिखाया है तो अब कांग्रेस को इसकी सीबीआई जांच करवानी चाहिये। अगर सीबीआई कुछ नहीं करती है, तो उन्हें पीआईएल दाखिल करके आगे बढ़ना चाहिये। सिर्फ मीडिया के माध्यम से अपनी बात कहना टीम केजरीवाल की कमजोरी है। कानून के माध्यम से आगे नहीं जाते हैं।

तृणमूल कांगेस के विवेक गुप्ता
अरविंद के जरीवाल ने कोई ऐसी बात को उजागर नहीं किया कि इससे सरकार को कोई खास फायदा पहुंचा हो। न तो उन्होंने डीएलएफ को सरकार से फायदे की बात कही है। इस पर सेबी और आयकर विभाग जांच कर सकता है।

भाजपा के रविशंकर प्रसाद
देश इन सवालों के जवाब चाहता है। कई महंगे-महंगे प्रॉपर्टी जमीनें प्रॉफिट के लिये ये काम कर रहे हैं। क्या ये कंपनी रॉबर्ट वाडरा के साथ चैरिटी कर रही थी। अगर हां, तो किस लिये। डीएलएफ हजारों लोगों को फ्लैट बेचती है। क्या अन्य ग्राहकों के साथ ऐसी चैरिटी करती है। सवाल यह उठता है कि ऐसी चैरिटी क्यों करती है भाजपा।
डीएलएफ को 100 एकड़ जमीन एनसीआर में मिल जाती है, जबकि अन्य कंपनियां खड़ी ताकती रही हैं। जहां-जहां कांग्रेस पार्टी की सरकार है, वहां ऐसा लाभ मिलने की पूरी संभावना है। खास कर के देश को यह बताना जरूरी है कि वाडरा की कंपनी क्या व्यापार करती है। मात्र तीन साल में उनके आय के क्या स्रोत रहे हैं।
सलमान खुर्शीद
हमें जवाब देना आता है और हम जवाब देंगे। यह एक राजनीतिक षढ़यंत्र है। भाजपा के लोगों का नाम नहीं लेना चाहता हूं, बस इतना कहना चाहूंगा कि वे हमाम में खुद नंगे खड़े हैं। यह कांग्रेस को बदनाम करने की कोशिश है, क्योंकि चुनाव आ चुके हैं इसीलिये यह साजिश की गई है।












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