राजनीति में केजरीवाल एक फ्यूज बल्ब साबित होंगे: प्रभात झा

नौकरशाह से एक आरटीआई कार्यकर्ता बने अरविंद केजरीवाल ने राजनीतिक पार्टी बनाने का निर्णय लिया है और अब वह अन्ना हजारे की टीम से अलग हो चुके हैं। केजरीवाल मैग्सेसे पुरस्कार विजेता हैं। पिछले दिनों दिल्ली के जन्तर मन्तर पर उन्होने कहा है कि वह लोगों को एक राजनीतिक विकल्प देना चाहते हैं इसलिए वह पार्टी बनाना चाहते हैं। टीम अन्ना से अलग होने के बारे में उन्होने कहा था कि वह अन्ना के बताये हुए सिद्धांतों के अनुसार ही लोगों की सेवा करने के लिए राजनीति में आना चाहते हैं। अरविन्द ने कहा था कि अन्ना उनके पिता की तरह हैं और वह उनका सम्मान करते हैं।
टीम अन्ना में केजरीवाल की एक अन्य सहयोगी किरन बेदी भी केजरीवाल से अलग हो गयी है। किरन बेदी लोकसभा चुनाव भारतीय जनता पार्टी के साथ मिलकर लड़ना चाहती थी जबकि केजरीवाल के अनुसार कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पाटियां भ्रष्ट हैं इसलिए वह अकेले ही चुनाव लड़ेंगे।
अन्ना हजारे ने अरविंद केजरीवाल के राजनीतिक पार्टी बनाने के निर्णय पर कहा है कि वह केजरीवाल के इस फैसले से सहमत नहीं हैं। उन्होने यह भी कहा था कि केजरीवाल चुनाव जीतने के लिए उनके नाम का इस्तेमाल न करें यहां तक की वह मंच पर उनकी फोटो भी न लगायें। जिसके जवाब में अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि वह अन्ना हजारे का बेहद सम्मान करते हैं और उनके इस बयान से आश्चर्यचकित हैं।












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