एनडीए छोड़कर यूपीए में जा सकते हैं नीतीश!

क्योंकि जिस तरह से गुजरात के कायाकल्प में मोदी का हाथ है उसी तरह बिहार का रूप-रंग बदलने का काऱण बिहार के सीएम नीतीश कुमार है। लेकिन मोदी औऱ नीतीश कुमार दोनों ही लोग एक-दूसरे के सबसे बड़े आलोचक है। दोनों ही एक-दूसरे की शक्ल को देखना पसंद नहीं करते हैं इसलिए जेडयू ने यूपी और गुजरात में भाजपा का साथ छोड़ दिया है। लेकिन केन्द्र में वो भाजपा के साथ है जिसपर भी अब संकट मंडरा रहा है।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एक बयान से सनसनी फैल गयी है,ऐसी खबर है कि नीतीश कुमार एनडीए छोड़कर यूपीए में शामिल हो सकते हैं। दरअसल नीतीश कुमार ने ऐलान किया है कि वो और उनकी पार्टी जेडीयू उसी का समर्थन करेगी, जो पार्टी बिहार को विशेष दर्जा देगी।
आपको बता दें कि इस समय केन्द्र की सत्ता कांग्रेस के हवाले है, हो सकता है कि केन्द्र बिहार को विेशेष दर्जा देकर नीतीश कुमार को अपनी ओर कर ले। जिसके कारण आगामी चुनाव में जेडीयू भाजपा के साथ ना होकर यूपीए के साथ खड़ा हो सकता है।
गौरतलब है कि बिहार में लोकसभा की 40 सीट है। जिसमें से 22 जेडीयू के पास है। राजनैतिक पंडितों के मुताबिक नीतीश कुमार ने अपना यह बयान इसलिए दिया है ताकि भाजपा को उनकी ताकत का अंदाजा हो जाये और वो संभल जाये, वहीं दूसरी तरफ अगर यूपीए से भी गठजोड़ हो तो इस के बदले बिहार को आसानी से विशेष राज्य का दर्जा मिल जाये। कुल मिला कर नीतीश कुमार ने बड़ा राजनैतिक दांव चला है । देखना दिलचस्प होगा कि नीतीश कुमार का यह बयान क्या रंग लाता है?












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