पहले मायावती और अब ममता ने दी समर्थन वापस लेने की धमकी

mamta sonia mulayam
नई दिल्‍ली। पहले उत्‍तर प्रदेश की मुख्‍यमंत्री मायावती और अब पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी ने यूपीए से समर्थन वापस लेने की धमकी दी है। गौरतलब है कि संप्रग के यह सहयोगी रसोई गैस और डीजल के दाम बढ़ने के साथ ही एफडीआई के मुद्दे पर सरकार का विरोध कर रही है। ममता ने यूपीए से धमकी भरे लहजे में कहा है कि अगर मनमोहन सरकार एफडीआई को अनुमति देने का अपना फैसला वापस नहीं लेती तो वह कड़े फैसले लेने में देर नहीं लगाएंगी।

कोलकाता में एक रैली के दौरान ममता ने कहा कि सरकार को एलपीजी की संख्‍या सीमित करने और दाम बढ़ाने के अपने फैसले को वापस लेना चाहिए क्‍योंकि पहले से ही महंगाई की मार झेल रही जनता की मुश्किलें और बढ़ जाएंगी। उन्‍होने खुदरा कारोबार में एफडीआई लागू करने के फैसले पर कहा कि इससे लाखों की संख्‍या में लोग बेरोजगार होंगे। अत: इसे लागू नहीं करना चाहिए। ममता ने डीजल की कीमतें बढ़ाये जाने पर कहा कि इससे महंगाई और बढ़ेगी। उन्‍होने हर साल सब्सिडी आधारित 24 सिलेंडरों की आपूर्ति किए जाने की मांग की है।

वहीं उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव ने खुदरा व्‍यापार में एफडीआई का विरोध किया और कहा कि हम इसे उत्‍तर प्रदेश में नहीं लागू होने देंगे। यूपीए को समर्थन देने के बारे में अखिलेश ने कहा कि हम साम्‍प्रदायिकता का विरोध करते हैं। इसलिए यूपीए का समर्थन कर रहे है। समर्थन वापस लेने का फैसला सपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष करेंगे।

समर्थन वापसी पर पूर्व मुख्‍यमंत्री मायावती ने कहा कि 9 अक्‍टूबर को होने वाली रैली के बाद हम इस पर फैसला लेंगे।

एफडीआई का पूरा देश में विरोध हो रहा है।

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