नॉर्थ ईस्ट के लोगों के पास पाकिस्तान से आयी अफवाह
गृह सचिव आरके सिंह ने कहा कि साइबर पुलिस को वह सबूत मिल गये हैं, जिनसे यह साबित होता है कि अफवाह फैलाने वाले एसएमएस और ई-मेल पाकिस्तान से भेजे गये थे। यह महज दहशत फैलाने के लिये किया गया था।
आरके सिंह के मुताबिक कुल 76 वेबसाइटों की पहचान हुई है, जिन पर नॉर्थ-ईस्ट के लोगों पर हुई हिंसा से संबंधित तस्वीरें डाली गईं हैं। इनमें ज्यादातर फोटो पाकिस्तान में अपलोड हुए। अफवाह फैलाने के लिये दुनिया भर में तूफान और भूकंप में मारे गये लोगां को असम हिंसा की तस्वीरों के रूप में दिखाया गया। सभी साइटों को ब्लॉक कर दिया गया है। यही नहीं 34 अन्य साइटों की पहचान भी की गई है, जिनके खिलाफ साइबर क्राइम सेल कार्रवाई करने जा रही है।
गृह सचिव ने कहा कि इस मामले को वो पाकिस्तान के सामने उठायेंगे, क्योंकि यह काफी गंभीर मामला है और इससे देश भर में हिंसा फैल सकती थी।
ज्ञात हो कि कई बल्क एसएमएस, एमएमएस और बल्क ई-मेल्स के जरिये जो अफवाहें फैलायी गईं, उनमें कहा गया था कि नॉर्थ ईस्ट के लोगों पर हमला हो सकता है। लोगों को डराने के लिये तस्वीरों में हाथ कटे व पैर कटे लोगों, आदि जैसी तस्वीरें दिखाकर कहा कि उनका भी ऐसा ही हाल होगा। जैसे ही अफवाह का बाजार गर्म हुआ, वैसे ही बैंगलोर के स्टेशनों पर करीब 20 हजार नॉर्थ-ईस्ट के लोग पहुंच गये।
खबर है कि कर्नाटक, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश से करीब 35 हजार लोगों ने अपने राज्यों के लिये पलायन किया।













Click it and Unblock the Notifications