ईद के पहले यूपी में हिंसा के बाद हाई अलर्ट

विधानसभा और राज्यपाल आवास के आस-पास शुक्रवार की नमाज के बाद जुलूस निकाला गया। इस दौरान हिंसा की घटना हुई। उग्र प्रदर्शन और 2 दिन बाद ईद को देखते हुए सरकार की ओर से सभी धर्मिक स्थलों, रेलवे स्टोशनों, बस अड्डों और भीड़-भाड़ वाली जगह की सुरक्षा के लिये त्वरित कार्रवाई बल (आरएएफ), रेलवे पुलिस बल (आरपीएफ) और प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी) के जवानों की तैनाती के निर्देश दिए गये हैं।
अराजक भीड़ ने तलवार, चापड़, और डंडों के साथ जुलूस को हिंसक बना दिया था। ऐसा बताया जा रहा है कि महिलाओं के साथ भी छेड़-छाड़ की गयी। इस मामले पुलिस ने 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
लखनऊ के अलावा कानपुर और इलाहाबाद में भी जमकर प्रदर्शन किया गया। यहां भी कई जगह हिंसा हुई। भीड़ ने जमकर तोड़-फोड़ शुरू कर दी। एक अधिकारी ने बताया कि कुछ अराजक तत्वों द्वारा राज्य का माहौल खराब करने की कोशीश की जा रही है। हिंसा को देखते हुए राज्य सरकार की ओर से प्रदेश में अलर्ट जारी कर दिया गया है।
सरकार ने कहा है कि कुछ सामाजिक तत्वों के द्वारा माहौल खराब करने की कोशीश की जा रही है, ऐसे में हम उनसे सख्ती से निपटेंगे। पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी कर पुलिस अधीक्षकों को स्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठाने के लिए कहा गया है। लखनऊ में प्रदर्शन में शामिल लोगों ने इमामबाड़ा से लेकर हजरतगंज के बीच कई वाहनों को तोड़ा। उन्होंने हजरतगंज बंद कराने की भी कोशीश की। व्यापारियों के मना करने पर उन्होंने दुकानों को भी अपने निशाने पर लिया।
उपद्रवियों ने मीडिया कर्मियों पर भी हमला बोला, उनके साथ मारपीट हुई। उन्होंने एक टीवी चैनल की ओबी वैन को तोड़ डाला। मीडिया कर्मियों ने प्रमुख सचिव से मिलकर कहा कि उपद्रवियों को पकड़कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। पुलिस ने कहा है कि उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।












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