हुड्डा सरकार बर्खास्त हो, गोपाल कांडा गिरफ्तार हो

पत्रकारों से बातचीत करते हुए चौटाला ने कहा कि वे इस संंबंध में जल्दी ही दिल्ली के उपराज्यपाल को एक पत्र लिखकर गीतिका शर्मा आत्महत्या काण्ड के सिलसिले में गोपाल कांडा को तुरंत गिरफ्तार किए जाने और उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच करवाए जाने की मांग करेंगे। इस अवसर पर इनेलो के राष्ट्रीय सचिव आरएस चौधरी, प्रवक्ता डॉ. केसी बांगड़, इनेलो नेता एमएस मलिक व बीडी ढालिया, विधायक प्रदीप चौधरी, मीडिया प्रभारी राम सिंह बराड़, कार्यालय सचिव एनएस मल्हान, धर्मवीर व रामनारायण भी मौजूद थे।
इनेलो प्रमुख ने कहा कि हरियाणा के विधायकों, मंत्रियों व राजनेताओं की आपराधिक घटनाओं में संलिप्तता से आम लोग जहां बेहद व्यथित हैं और शर्मिंदगी महसूस कर रहे हैं वहीं प्रदेश में ऐसी घटनाएं राजनीतिक संरक्षण में बढ़ती ही जा रही हैं। उन्होंने कहा कि अम्बाला शहर के विधायक विनोद शर्मा से विधायकों की आपराधिक घटनाओं में संलिप्तता का सिलसिला शुरू हुआ था और हुड्डा सरकार के परिवहन मंत्री ओमप्रकाश जैन व मुख्य संसदीय सचिव रहे जिले राम शर्मा पर पूर्व सरपंच की हत्या का मामला दर्ज होने के बाद दोनों को अपने पदों से त्याग पत्र देना पड़ा था। इस घटना की पृष्ठभूमि में नौकरियों के बदले रिश्वत लेने का मामला था जो लंबे समय से इस सरकार का नियम बन चुका है। आपराधिक मामला दर्ज होने के बाद प्रदेश की जनता व इनेलो के दबाव में दोनों मंत्रियों को उनके पदों से हटाया गया।
चौटाला ने कहा कि सिरसा के विधायक व हुड्डा सरकार में मंत्री रहे गोपाल काण्डा के खिलाफ अगर लोगों द्वारा समय-समय पर लगाए गए गम्भीर आरोपों पर अगर उचित कार्रवाई की गई होती तो शायद दिल्ली निवासी गीतिका शर्मा को अपनी जान न गंवानी पड़ती। उन्होंने कहा कि हुड्डा सरकार को समर्थन देने की एवज में न सिर्फ गोपाल कांडा को गृह राज्य मंत्री बनाया गया बल्कि उसे लोगों के साथ मारपीट व गाली गलौज करने और सारे नियम कायदे तोडऩे की भी अनुमति दे दी गई।
उन्होंने कहा कि सवा दो साल पहले सिरसा बंद के दौरान मंत्री ने जिस तरह से सरकारी अंगरक्षकों के साथ जबर्दस्ती शहर के बाजार खुलवाने के प्रयास किए और लोगों के साथ मारपीट व गाली गलौज किया, उसके वीडियो उस समय महामहिम को सौंपे गए थे जिसमें काण्डा द्वारा अपने अंगरक्षकों को लोगों पर गोली चलाने का निर्देश देने का भी सुबूत है।
इनेलो प्रमुख ने कहा कि दो साल पहले एक बलात्कार के मामले में गोपाल काण्डा की गाड़ी संलिप्त पाई गई थी और वर्ष 2011 में पूर्व भारतीय क्रिकेटर अतुल वासन को जिस तरह से सरेआम पीटा गया उससे गृह राज्यमंत्री की उदण्डता सार्वजनिक हो गई थी। काण्डा के परिसरों पर आयकर विभाग के छापों दौरान जिस तरह से सरकारी अधिकारियों पर हमला बोला गया उससे साफ था कि काण्डा अपने आपको कानून से ऊपर मानते हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्य संसदीय सचिव राव दान सिंह ने एक प्रिंसिपल पर बलात्कार का मामला महज इसलिए दर्ज करवा दिया क्योंकि उस प्रिंसिपल ने सीएम के हैलिकॉप्टर को अपने स्कूल मैदान में उतरने की इजाजत देने से इनकार कर दिया था। उन्होंने राज्यमंत्री सुखबीर कटारिया, मुख्य संसदीय सचिव रामकिशन फौजी व प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा को लेकर उठे विवादों का भी उल्लेख किया।
चौटाला ने कहा कि प्रदेश में घटी शर्मनाक घटनाओं से सरकार के कानों पर जूं नहीं रेंगी जिसके चलते मुख्यमंत्री के अपने गृह नगर रोहतक में अपना घर जैसी घिनौनी घटनाएं घटीं। यौन उत्पीडऩ की इन घटनाओं के उजागर होने के बाद भी मुख्यमंत्री इस पर चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंने कहा कि अब यह अखबारों में उजागर हुआ है कि अपना घर में रह रही बच्चियों और महिलाओं के निरंतर उत्पीडऩ व शोषण में सत्तापक्ष के कम से कम तीन विधायक शामिल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में मात्र भू-माफिया व बिल्डरों के हाथों की कठपुतली बन चुकी हुड्डा सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक व लोकतांत्रिक अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि आज हरियाणा तबाही के कगार पर खड़ा है। आज रक्षक ही भक्षक बन गए हैं और सारी व्यवस्था भ्रष्ट होती जा रही है जिसके सुबूत प्रदेश के लगभग हर विभाग में मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून, सिद्धांतों व नैतिकता पर आधारित राजनीतिक व्यवस्था को फिर से लागू करने के लिए तुरंत इस भ्रष्ट व अनैतिक सरकार को बर्खास्त किया जाए।
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