असम में हिंसा, 21 मरे, दंगाईयों को गोली मारने के आदेश

आपको बता दें की हिंसा को खत्म करने के लिए प्रशासन ने कोकराझार जिले में दंगाइयों को देखते ही गोली मारने का आदेश दे दिया है। साथ ही मिली जानकारी के मुताबिक असम के कोकराझार में अनिश्चितकाल के लिए और चिरांग व धुबरी में रात का कर्फ्यू लगा दिया गया है फिलहाल करीब कोकराझार में अनिश्चितकाल के लिए और चिरांग व धुबरी में रात का कर्फ्यू लगा दिया गया है।
करीब 50 हजार लोग शरणार्थी शिवरों में रह रहे हैं। कोकराझार में अनिश्चितकाल के लिए और चिरांग व धुबरी में रात का कर्फ्यू लगा दिया गया है फिलहाल करीब 50 हजार लोग शरणार्थी शिवरों में रह रहे हैं।
आपको बताते चलें की असम में ये बवाल तब शुरू हुआ जब कोकराझार में मुस्लिम समुदाय के दो छात्र नेताओं पर अज्ञात लोगों ने गोली चलाई थी। जवाबी हमले में शुक्रवार को बोडो लिबरेशन टाइगर्स संगठन के चार पूर्व सदस्य मारे गए थे जिसके बाद वहां फैली हिंसा ने बहुत ही विकराल रूप ले लिया जानकारी मिलने तक हिंसा के चलते कोकराझार में 12 और चिरांग में पांच लोग मारे जा चुके हैं।
मामले की गंभीरता और स्थानीय पुलिस की कमी के चलते कोकराझार और चिरांग में पुलिस की सहायता के लिए सेना को बुला लिया गया है। जहाँ कोकराझार इलाके में सैकड़ों की तादाद में लोग सरकार द्वारा मुहैय्या कराए गए शरणार्थी शिवर में रह रहे हैं, वहीं चिरांग में लोगों ने स्कूलों और स्थानीय क्लबों में डेरा जमा लिया है।
ताजा जानकारी के अनुसार असम के निचले हिस्से धुबरी में भी हिंसा फैल गई, जिसके मद्देनजर जिला प्रशासन को कुछ क्षेत्रों में रात को कर्फ्यू लगाना पड़ रहा है। इस पूरे मामले और बोडोलैंड में फैली हिंसा को गंभीरता से लेते हुए बीटीएडी के पुलिस आईजी एसएन सिंह ने कहा, 'हमने हमने किसी भी बड़ी अनहोनी के चलते कोकराझार जिले में दंगाइयों को या भीड़ भाड़ देखते ही गोली मारने का आदेश दे दिया है।'
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार लोगों की बीच पनपे इस गुस्से की आग का सामना यातायात के साधनों को भी करना पड़ रहा है जहाँ अब लोगों ने नई दिल्ली-गुवाहाटी एक्सप्रेस को भी निशाना बनाया।
इससे पहले कल गुवाहाटी से नई दिल्ली आ रही राजधानी एक्सप्रेस को कोकराझार और गोसाइगांव के बीच स्थानीय लोगों ने रोक लिया। उनका आरोप था कि जब वे राहत शिविरों में थे, उस दौरान उनके घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया।












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