लक्ष्मी सहगल की हालत नाजुक वेन्टीलेटर पर

ज्ञात हो कि आजादी की लड़ाई में नेताजी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले श्रीमती सहगल को दिल का दौरा पडऩे के बाद कानपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां उन्हें बाद में हल्का मस्तिष्काघात भी हुआ। उन्हें पहले आईसीयू में रखा गया लेकिन बाद में हालत और खराब होने पर उन्हें वेन्टीलेटर पर शिफ्ट कर दिया गया।
कैप्टन सहगल की बेटी और माकपा नेता सुभाषिनी अली ने बताया कि कैप्टन सहगल की हालत में कोई सुधार नहीं आया है और उनकी हालत अब बहुत ही गंभीर हो गयी है। उन्होंने कहा कि वह चिकित्सकों के दल की गहन निगरानी में हैं। कैप्टन सहगल की बीमारी की खबर सुनकर माकपा के महासचिव प्रकाश करात और वरिष्ठ नेता वृंदा करात कानपुर के अस्पताल पहुंचे और उनका हाल चाल जाना।
सुभाषिनी अली के बेटे और मशहूर फिल्म निर्देशक शाद अली भी कल रात कानपुर पहुंच गये हैं और अस्पताल में हैं। अली ने बताया कि कल सुबह करीब आठ बजे कैटन लक्ष्मी सहगल (97) को सिविल लाइंस स्थित उनके आवास पर अचानक दिल का दौरा पड़ा था। दिल का दौरा पडऩे के बाद तुरंत उन्हें शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां तब से ही उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है, बाद में उनमें मस्तिष्काघात के लक्षण भी दिखाई दिए।
कैप्टन सहगल पेशे से चिकित्सक हैं और सुभाष चन्द्र बोस की सहयोगी थीं तथा 1943 में आजाद हिंद सेना की रानी लक्ष्मी बाई रेजीमेंट में कर्नल थी। कैप्टन लक्ष्मी सहगल को 1998 में पद्मविभूषण सम्मान से भी नवाजा जा चुका है।












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