उपराष्ट्रपति चुनावः जसवंत सिंह की हार पक्की

गौरतलब है कि उपराष्ट्रपति के चुनाव में केवल राज्यसभा औऱ लोकसभा के सांसद भाग लेते हैं। इस चुनाव में विधानसभा और विधानपरिषद के सदस्यों को कोई भूमिका नहीं होती जैसा कि राष्ट्रपति के चुनाव में होती है।
इस प्रकार उप राष्ट्रपति चुनाव के कुल मतदाता हैं 790 । अंसारी के पक्ष में 396 और जसवंत सिंह के पक्ष में 214 सांसद हैं। अघोषित 135 मत हैं जिन्होंने किसी को समर्थन प्राप्त नहीं है। पर इन मतों को भी जसवंत सिंह के मत में जोड़ दिया जाए तो भी उनकी हार पक्की है। लेकिन हामिद अंसारी के पास 396 के अलावा एक दो दल हैं जो यदि समर्थन कर देते हैं तो उनकी कुछ संख्या 441 पहुंच जाती है। यानी अंसारी के पास कांग्रेस के 278, बसपा के 36, सपा के 31, माकपा के 27, द्रमुक के 25, राकांपा के 16, रालोद के 5 व राजद के 6 के अलावा 17 ऐसे सदस्य हैं जिनका कांग्रेस के साथ लगाव है। वहीं जसवंत सिंह के पास भाजपा के 214 , जदयू के 163, शिवसेना के 29 और अकाली दल के 15 तथा 7 अन्य का समर्थन हैं। जिन दलों ने अभी घोषणा नहीं की है उसमें तृणमूल के 135 बीजद के 28 , अन्नाद्रमुक के 21 और तेदेपा के 13 के साथ ही 11 निर्दलीय, नामांकित सांसद समेत अन्य छोटे दल 62 सदस्य शामिल हैं।
गौरतलब है कि सोमवार को वरिष्ठ भाजपा नेता जसवंत सिंह को एनडीए ने उप राष्ट्रपति चुनाव में संप्रग उम्मीदवार हामिद अंसारी के विरोध में उतारा है। जदयू अध्यक्ष शरद यादव के इन्कार के बाद राजग ने एकमत से जसवंत को उम्मीदवार घोषित किया। वह संभवत: बुधवार को नामांकन करेंगे।
लालकृष्ण आडवाणी के घर राजग की बैठक में चुनाव लड़ने से अनिच्छा जता चुके शरद यादव का नाम सबसे पहले प्रस्तावित किया गया, लेकिन पार्टी और सक्रिय राजनीति के लिए उन्होंने इन्कार कर दिया। आडवाणी ने कहा, शरद के मना करने के बाद जसवंत के नाम पर सभी की सहमति बनी।












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