उपराष्ट्रपति की राह इस बार अंसारी के लिए आसान नहीं

सूत्रों ने बताया कि उपराष्ट्रपति चुनाव में नीतीश कुमार हामिद अंसारी का समर्थन कर सकते है। वैसे एनडीए का रुख अभी तक साफ नहीं है। वहीं यूपीए की सबसे बड़ी सहयोगी ममता बनर्जी भी हामिद अंसारी के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन यूपीए सहयोगी नेशनल कॉन्फ्रेंस, एनसीपी, आरजेडी हामिद अंसारी के नाम पर राजी हो गए हैं। वहीं मुलायम सिंह यादव ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं। यानी जिन दलों ने हामिद अंसारी को समर्थन दिया है उनके पास कहने के लिए बस कुछ ही सांसद हैं क्योंकि राजद, एनसीपी और नेशनल कांफ्रेंस के यदि सभी सांसदों को जोड़ भी दिया जाए तो बमुश्किल दो दर्जन भी नहीं पहुंचेंगे। इसलिए कांग्रेस ममता बनर्जी और सपा को इस मुद्दे पर साधने की कोशिश में जुटी हुई है पर लगता है कि ममता बनर्जी खुद ही कांग्रेस के राह में रोड़ा अड़काने के लिए तैयार बैठी हैं।
बताया जा रहा है कि ममता भी उपराष्ट्रपति चुनाव में अपना उम्मीदवार उतार सकती है। सूत्र बता रहे हैं कि ममता बनर्जी महात्मा गांधी के पोते गोपालकृष्ण गांधी और सुभाषचंद्र बोस की भतीजे की पत्नी कृष्णा बोस के नाम को आगे बढ़ा सकती हैं। हालांकि इसके बारे में रुख उसी दिन तय होगा जिस दिन ममता यूपीए की बैठक में भाग लेंगी। हालांकि उन्होंने गोपाल कृष्ण गांधी के लिए एक दो नेताओं से बात भी की है। इसलिए माना जा रहा है कि उपराष्ट्रपति के लिए इस बार हामिद अंसारी की राह आसान नहीं होगी। उन्हें भी लंबे झंझवातों से जूझना होगा। गौरतलब है कि सात अगस्त को उप राष्ट्रपति चुनाव होने वाला है।












Click it and Unblock the Notifications