कश्मीरी कट्टरपंथियों की नजर आपके मिनी स्कर्ट पर, रहें सावधान

कश्मीर के धार्मिक संगठन जमायत-ए-इस्लामी ने कहा है कि घाटी में महिला पर्यटक मिनी स्कर्ट, जींस और टॉप पहन कर नहीं आएं। यह गैर इस्लामिक है और घाटी की संस्कृति को नुकसान पहुंचा रहा है। ऐसे पर्यटक यदि घाटी में आए तो उन्हें कश्मीरियों के गुस्से का शिकार होना पड़ सकता है।
जमायत के प्रवक्ता एडवोकेट जाहिद अली ने कहा कि हम कश्मीर आने वाले पर्यटकों का स्वागत करते हैं, लेकिन उन्हें सावधान करते हैं कि वे अपने पहनावे का ध्यान रखें। कई पर्यटक घाटी में मिनी स्कर्ट और खुली बाहों वाली टॉप पहन कर घूमते हैं। इस तरह का पहनावा गैर इस्लामी और कश्मीरी के संस्कृति के खिलाफ है। जाहिद ने कहा कि इससे से भी बुरी बात यह है कि यहां घाटी में पर्यटक सिगरेट और शराब का सेवन करते हैं। इससे कश्मीरी नौजवान प्रभावित होते हैं। इसलिए हम चाहते हैं कि यहां पर्यटक आए तो कश्मीरी की रूमानियत का खास ख्याल रखें नहीं तो उन्हें कश्मीरी अवाम के गुस्से का शिकार होना पड़ सकता है।
उन्होंने कि हम आर्थिक खुशहाली के लिए अपने समाज को नैतिक पतन की तरफ नहीं ले जा सकते। हम अपने सांस्कृतिक मूल्यों, सिद्धांतों और धार्मिक आस्था से समझौता नहीं कर सकते। उन्होंने पर्यटन विभाग को भी नसीहत दी कि वह सैलानियों को सचेत करे कि वह पहनावे और आचार-विचार को लेकर पूरा ध्यान बरतें। हालांकि पर्यटन विभाग के निदेशक तलत परवेज ने कहा, हम किसी पर्यटक को मजबूर नहीं कर सकते कि उसे क्या पहनना चाहिए और क्या नहीं। हां, धार्मिक स्थलों की बात अलग है, वहां स्थानीय प्रबंधक अपने तौर पर इस तरह के निर्देश जारी कर सकते हैं।












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