अखिलेश यादव का लव लेटर पढ़ मंत्रियों के होश उड़े

अखिलेष यादव ने एक बार फिर मंत्रियों के सामने एक ऐसी गेंद फेंकी जिसे खेलने की हिम्मत किसी की नहीं। भारतीय संविधान के लोक अधिनियम 1951 का हवाला देते हुए अपने मंत्रियों को लिखे पत्र में अखिलेश ने कहा कि सपा सरकार का कोई भी मंत्री किसी व्यक्ति व संस्था से उपहार न लें। उन्होंने पत्र में कहा कि उपहार लेना ही पड़े तो उसकी कीमत 5000 रूपए से अधिक नहीं होनी चाहिए यदि ऐसा होता है तो उस उपहार को सरकारी खजाने में जमा करना होगा।
मंत्रियों को मिलने वाले उपहारों की कीमत का आंकलन करने के लिए एक कमेटी का भी गठन कर दिया गया है। इतना ही नहीं अखिलेश ने अपने मंत्रियों पर कई अन्य प्रकार की पाबंदियां भी लगा दी हैं जिसे लेकर कई मंत्री खासे नाराज हैं।
भारतीय संविधान के लोक अधिनियम 1951 के तहत अब सभी मंत्रियों को अपनी आय के स्रोतों की जानकारी सरकार को देनी होगी। पिछले दिनों मंत्रियों को लिखे गए गोपनीय पत्र में मुख्यमंत्री ने अधिनियम का हवाला देते हुए कि यह प्राविधान संविधान में पहले से ही किया गया है अतः सभी लोग उसका पालन करें। पत्र में कहा गया है कि मंत्री सिर्फ अपनी सम्पत्ति व आय के स्रोत की ही जानकारी न दें बल्कि अपने पूरे परिवार की सम्पत्ति व आय के स्रोतों की जानकारी सरकार को उपलब्ध करानी होगी। साथ ही यदि कोई रिश्तेदार जो उन पर आश्रित हो उसका भी विवरण सरकार को दें।
उन्होंने वर्तमान समय में उनके पास कितनी धनराशि है तथा उन्होंने कितना रुपया शेयर बाजार में लगाया है यह भी सरकार को बताया जाए। उन्होंने अपने मंत्रियों को सम्मान समारोह आदि में जाने से परहेज करने की सलाह दी। अखिलेश यादव ने कहा कि यदि मंत्रियों को कोई उपहार मिलता है और उसकी कीमत पांच हजार से अधिक होगी तो उसे सरकारी खजाने में जमा कर लिया जाएगा यदि कम होगी तो उसे मंत्री अपने पास रख सकते हैं। पत्र में लिखा है कि यदि मंत्री उपहार की कीमत का आंकलन करने में खुद को अक्षम पाते हैं तो सरकार द्वारा गठित कमेटी से उसका आंकलन करा सकते हैं।
अखिलेश यादव ने मंत्रियों के मंहगे होटलों आदि में रूकने पर भी रोक लगा दी है तथा कहा कि होटलों के बिलों का भुगतान सरकारी खाते से नहीं होगा यदि कोई मंत्री यात्रा पर जाता है तो वह सरकारी गेस्ट हाउस में रहे।
अखिलेष के पत्र की मुख्य बातें
5000 रूपए से अधिक कीमत के उपहार नहीं ले सकेंगे।
प्रत्येक आश्रित की सम्पत्ति व आय के स्रोतों की जानकारी देनी होगी।
शेयर मार्केट में लगाया गया धन भी बताना होगा।
मंहगे होटलों में रूकने पर पाबंदी, सरकार नहीं करेगी बिल का भुगतान।
सम्मान समारोह आदि में जाने से करें परहेज।
मुकुट व नोटों की माला उपहार में न लें।
उपहार की कीमत का आंकलने करने के लिए कमेटी का गठन।












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