जेपीसी मामले में गवाह बन सकते हैं मनमोहन सिंह

एक सूत्र ने बताया कि जब कल जेपीसी के अध्यक्ष पीसी चाकों ने कहा कि समिति का कार्यकाल दिसंबर 2012 तक है। 14 लोगों की गवाही हो चुकी है। रिपोर्ट लिखने की तैयारी शुरू करनी चाहिए। इससे भाजपा के सदस्य भड़क गए और चाको के प्रस्ताव का विरोध करने लगे। उनकी मांग थी कि इस मामले में बतौर गवाह प्रधानमंत्री को जरूर बुलाया जाय। वैसे भी संसदीय समितियों के सामने पीएम पेश होते रहे हैं इसलिए मनमोहन सिंह से भी इस बाबत पूछताछ की जा सकती है। उनका कहना था कि 2जी की रिपोर्ट जरूरी नहीं है जरूरी है कि इस घोटाले में शामिल लोगों को बेनकाब किया जाए। इस पर कांग्रेसी सांसदों ने भाजपा पर हमला बोल दिया।
उनका कहना था कि भाजपा इसे राजनीतिक रंग दे रही है। कांग्रेस ने कहा कि यदि मनमोहन सिंह को बुलाने की बात है तो भाजपा के भी पूर्व दूरसंचार मंत्रियों को भी बुलाया जाय। इसपर भाजपा तैयार हो गई। हालांकि प्रधानमंत्री को लेकर अभी समिति का रुख साफ नहीं है कि वह पीएम को पूछताछ के लिए कब बुलाती है पर इतना तो तय है कि समिति पीएम के सलाहकार टीकेए नायर, पूर्व कैबिनेट सचिव केएम चंद्रशेखर, पीएम के प्रमुख सचिव पुलक चटर्जी, रिजर्व बैंक गवर्नर सुब्बा राव, अटार्नी जनरल जी वाहनवती, राजस्व सचिव, सीबीआई निदेशक और सीवीसी से पूछताछ के लिए अपने पास बुला सकती है।












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