राष्ट्रपति चुनाव की रेस में चाय वाला भी शामिल

गौरतलब है कि यूपीए द्वारा राष्ट्रपति पद के लिए घोषित किए गए उम्मीदवार प्रणव मुखर्जी का मुकाबला करने को लेकर भले ही बड़े-बड़े राजनीतिक दलों ने अपने प्रत्याक्षी उतार दिए हों लेकिन प्रणब दा को राजनीति के मैदान में कड़ी चुनौती देने को लेकर मध्य प्रदेश के ग्वालियर के आनंद सिंह कुशवाहा ने भी ताल ठोंक दी है। पेशे से चाय बेचने वाले आनंद का कहना है कि वह लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए चुनावी मैदान में उतरे हैं।
ग्वालियर के तारागंज इलाके में चाय बेचने वाले आनंद पार्षद से लेकर राष्ट्रपति पद तक का चुनाव लड़ चुके हैं। पिछली दफा भी उन्होंने राष्ट्रपति पद के लिए नामांकन भरा था। इस बार भी वह अपनी किस्मत आजमाने मैदान में उतरे हैं। आनंद ने जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें अपने हारने की चिंता नहीं है।
आनंद ने ये भी कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को चुनाव लड़ने का अधिकार प्राप्त है और ये चुनाव कोई भी हो सकता है । लिहाजा उन्हें भी चुनाव लड़ने का हक है, साथ ही उनके द्वारा ये भी कहा कि वह साबित करना चाहते हैं कि आम आदमी कुछ भी कर सकता है। दूसरों को चाय पिलाकर अपने परिवार का जीवन यापन करने वाले आनंद की राजनीति में गहरी दिलचस्पी है और वह आने वाले ग्राहकों से चाय की चुस्की के बीच देश और राजनीति के मुद्दों पर चर्चा करते नजर आ जाते हैं। आनंद ग्वालियर से लोकसभा व विधानसभा का भी चुनाव लड़ चुके हैं।
अगर बात आनंद कि संपत्ति कि की जाये तो आपको जानकारी दे दें की आनंद के पास महज कुछ हजार रुपए की संपत्ति है, जिसकी घोषणा उन्होंने 2009 में लोकसभा चुनाव के दौरान की थी। घोषणा के मुताबिक उनके पास पांच हजार रुपये नकद, पत्नी के पास मंगलसूत्र, एक साइकिल और खुद का मकान है। इसके अलावा उन पर 12 हजार रुपये का बैंक कर्ज और 60 हजार रुपये का दीगर कर्ज है। उनके आश्रितों के नाम से कोई संपत्ति नहीं है।
गौरतलब है कि राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में अभी तक जिन चार लोगों ने नामांकन भरे हैं, उनमें एक आनंद भी शामिल हैं। आनंद का कहना है कि कुछ सांसदों से उनकी बात चल रही है और उन सांसदों ने उन्हें पूरा भरोसा दिलाया है कि समय आने पर वे उनका साथ देंगे और उन्हें राष्ट्रपति बनाएंगे।












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