अब संसद में डाक्टरों की पोल खोलेंगे आमिर खान

गरीबों को दवा नहीं सुलभ होने के विषय पर भी उन्होंने देश का ध्यान खींचा है। उन्होंने कहा कि इसी संदर्भ में हमने आमिर को संसद की स्थायी समिति के समक्ष अपनी टीम के साथ आने और विचार साझा करने के लिए आमंत्रित किया। आमिर ने आमंत्रण को स्वीकार कर लिया है और वह 21 जून को संसद की स्थायी समिति के समक्ष उपस्थित हो रहे है। गौरतलब है कि 27 मई को प्रसारित सत्यमेव जयते कार्यक्रम में आमिर खान ने चिकित्सा क्षेत्र में कदाचार के विषय को उठाया था।
इसमें जीवन रक्षक दवाओं की काफी अधिक कीमतें होने के कारण उन तक गरीबों की पहुंच नहीं होने पर चिंता जताई गई थी। शांता कुमार ने कहा कि फार्मा क्षेत्र में विदेशी कंपनियों का प्रभुत्व बढ़ रहा है, ऐसे में नीतियों में बदलाव की कवायद जरूरी हो गई है। उन्होंने कहा कि बहुराष्ट्रीय कंपनियों के फार्मा क्षेत्र में प्रभाव बढ़ने से दवाइयों की कीमतों में काफी वृद्धि हो रही है और गरीबों को रोगों के उपचार के लिए सस्ती दवाएं सुलभ नहीं हो रही है। वाणिज्य पर संसद की स्थायी समिति के अध्यक्ष ने कहा कि आमिर ने अपने कार्यक्रम में इस विषय को उठाया था और कहा था कि दवाएं महंगी हो जायेंगी तब इसे गरीब कैसे खरीद पायेंगे।
इसी विषय को ध्यान में रखते हुए हमने आमिर को स्थायी समिति के समक्ष विचारों के आदान प्रदान के लिए बुलाया है। सत्यमेव जयते की 27 मई को प्रसारित श्रृंखला में 47 वर्षीय अभिनेता ने चिकित्सा पेशे में कदाचार के विषय को उठाया था जबकि भारतीय चिकित्सा संघ ने आमिर से तत्काल माफी मांगने को कहा था और ऐसा नहीं किये जाने पर कानूनी कार्रवाई की धमकी दी थी। आमिर खान ने हालांकि माफी मांगने से इंकार कर दिया। आमिर ने कहा था कि वह किसी तरह की कानूनी कार्रवाई का सामना करने को तैयार हैं। उनका कहना है कि अगर किसी ने चिकित्सा पेशे को बदानाम किया है और अगर किसी की वजह से यह पेशा अपमानित महसूस कर रहा है, तो वह ऐसे लोगों के कारण है जो इस तरह के कदाचार में जुटे हुए हैं।












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