फतवा: इस्लाम में जहर से कम नहीं और हराम है पोलियो ड्रॉप

यहाँ बात हो रही है पाकिस्तान की जहां एक मौलवी ने कुछ इस तरह का फतवा दिया है। आपको बता दें कि पाकिस्तान स्थित मुजफ्फरगढ़ के मौलवी इब्राहीम चिश्ती ने एक मस्जिद के माध्यम से ऐलान किया है कि लोगों को अपने बच्चों को पोलियो ड्रॉप नहीं पिलानी चाहिए क्यूंकि पोलियो ड्रॉप इस्लाम के खिलाफ है।
मौलवी ने ये भी कहा कि एक साजिश के तहत इलाके के मुसलमानों को पोलियो ड्रॉप पिलाई जा रही है। जिसको रोकने के लिए अब जिहाद की एक रास्ता बचा है। मौलवी ने कहा है कि अब लोग एकजुट हो इस मुहीम के विरुद्ध जिहाद करें।
अंग्रेजी अखबार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून में छपी खबर के मुताबिक मुजफ्फरगढ़ के ग्रामीण इलाके खान पुर बग्गा शेर में आजकल पोलियो से बचाव के लिए घठित टीम घर घर जा कर बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिला रही है। जिसका कुछ एक कट्टरपंथियों द्वारा लगातार विरोध किया जा रहा है। इस्लामी कट्टरपंथियों का मानना है कि ये पहल दवा के जरिये इस्लाम और मुसलमानों को खत्म करने के लिए चलाई गयी है।सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इलाके के मौलवी को टीम का आना इतना बुरा लगा कि उन्होंने मस्जिद से ऐलान कर डाला कि हमको और हमारे बच्चों को खत्म करने के लिए दवा कि आड़ में जहर दिया जा रहा है और इन सब से बचने का बस एक उपाय है और वो है इस मुहीम के खिलाफ जिहाद।
साथ ही मौलवी ने ये भी कहा है कि यदि कोई व्यक्ति अपने बच्चे को पोलियो ड्रॉप पिलाता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ भी सख्त दंडात्मक कार्यवाही करते हुए समाज से उसका हुक्का पानी बंद कर दिया जायगा। गौर करने वाली बात ये है कि जब इस बात कि जानकारी दवा पिलाने वाली टीम को हुई तो फ़ौरन ही टीम के लोगों ने अपना इरादा बदल लिया और वो वापस मुजफ्फरगढ़ चले गए जहां जाकर उन्होंने इस पूरे मामले कि जानकारी वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी को दी जिन्होंने पूरे मामले से अपने आला अधिकारियों को अवगत कराया।
फतवे से गुस्साए वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी ने इस बात कि जानकारी स्थानीय पुलिस को दी जिन्होंने मौलवी की तलाश में जगह जगह छापेमारी की सूत्रों द्वारा बताया जा रहा है कि फिलहाल मौलवी फरार है। जिसकी तलाश पुलिस द्वारा युद्ध स्तर पर की जा रही है। सूत्रों द्वारा ये भी बताया गया कि पुलिस कि मौजूदगी के बाद ही टीम खान पुर बग्गा शेर में वापस लौटी है।












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