प्रणव मुखर्जी से उब चुके हैं मनमोहन, छुटकारा पाना चाहते हैं?

न्यूज पेपर के मुताबित कांग्रेस के अंदर ही अंदर चर्चा तेज है कि जब प्रणव पद छोड़ेंगे तो मनमोहन वित्त मंत्रालय का कामकाज अपने हाथ में ले लेंगे। यह भी सच है कि इस बदलाव से कांग्रेस के ही अन्य नेता खुश नहीं होंगे। मनमोहन की यह भी इच्छा है कि पूर्व गवर्नर और अब इकनॉमिक अडवाइजरी काउंसिल के अध्यक्ष सी रंगराजन वित्त मंत्रालय का काम संभाले, लेकिन यह संभव नहीं।
वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार एक वर्ष के अंदर नई विज्ञान एवं तकनीक नीति बना सकती है ताकि विकेन्द्रीकृत तरीके से सार्थक विकास को बढ़ावा दिया जा सके। प्रधानमंत्री ने कहा कि एक वर्ष के अंदर हम नयी विज्ञान एवं तकनीक नीति बनने की उम्मीद करते हैं जो 2003 के वर्तमान नीति दस्तावेजों का नवीन रूप होगा।
देश एवं दुनिया में तेजी से बदलते वैज्ञानिक वातावरण के परिपेक्ष्य में ऐसा किया जा रहा है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस संगठन (आईएससीए) के शताब्दी समारोह के अवसर पर उन्होंने कहा कि मैं खुश हूं कि इस शताब्दी वर्ष को हमने भारत में विज्ञान वर्ष घोषित करने का निर्णय किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने भारतीय विज्ञान में जितना निवेश किया है उतना कभी पहले नहीं हुआ।
कई वर्षों तक हमारे उच्च वैज्ञानिक एवं तकनीक आधारभूत संरचनाओं में क्षमताएं सीमित थीं। सिंह ने कहा कि हमने विश्वस्तरीय संस्थान बनाए लेकिन हमने विज्ञान एवं तकनीक का उपयोग विकास की प्रक्रिया में उतना नहीं किया जितना होना चाहिए था।












Click it and Unblock the Notifications