पहले से ही सुरक्षा मांग रहे थे नजफगढ़ के विधायक

वैसे भी भरत सिंह का दिल्ली में अपना दबदबा है और उनके भाई को यहां बाहुबली के रूप में जाना जाता है। इसलिए जैसे ही यह खबर पुलिस तक पहुंची पुलिस ने भी बिना देर किए ही कह दिया कि यह आपसी रंजिश का मामला है। हालांकि पुलिस खूब जानती है कि यह वर्चस्व का मामला है पर वह इस भेद को खोलने में कुछ समय लेना चाहती है। वैसे भाजपा भी इस घटना पर कुछ मुखर हुई औऱ दिल्ली में कानून व्यवस्था को धज्जियां उड़ा दी।
भाजपा ने कहा, दिल्ली में कानून व्यवस्था दिन पर दिन खराब होती जा रही है इसलिए शीला सरकार को इस पर सोचना चाहिए। कांग्रेस ने भी इस घटना की निंदा की पर कानून व्यवस्था के मुद्दे पर वह कुछ नहीं बोल रही है।
गौरतलब है कि इस समय दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है और इसी दौरान शुक्रवार को कुछ विधायकों ने स्पीकर से मांग की कि उन्हें दिल्ली में कानून व्यवस्था पर भरोसा नहीं है इसलिए उन्हें निजी सुरक्षा दी जाए। वैसे आपको बता दें कि दिल्ली में न ही कोई पुलिस की कमी है न केंद्रीय सुरक्षा बलों की पर यहां सभी को वीवीआईपी का दर्जा नहीं मिला है। हालांकि सरकार ने कई लोगों की सुरक्षा में जेड स्तर के तामझाम को लगा रखा है।
सूत्रों ने बताया कि जब विधायकों का दल और एक विधायक ने अपनी नीजि बातें स्पीकर से बताई तो उन्होंने इन लोगों को भरोसा दिया था कि वे घबराएं नहीं दिल्ली के पुलिस कमिश्नर को वह बुलाकर इस बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे। वहीं शीला दीक्षित भी पुलिस कमिश्नर से आज दिन में मुलाकात के लिए बुलाया था कि इस दौरान यह घटना घट गई। आपको बता दें कि भरत सिंह से पहले भी दिल्ली में एक विधायक की गाड़ी पर कुछ अज्ञात हमलावरों ने हमला करने की कोशिश की थी पर वे नाकाम रहे थे। उसके बाद उन्हें स्पीकर से अपनी आपबीती सुनाई और अपना दुखड़ा रोया था। इसलिए सरकार को इस मुद्दे पर गंभीरता पूर्वक मंथन की जरूरत है।












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