मायावती के राज में 8 करोड़ का अस्पताल, खर्च किए 18 करोड़

अधिकारियों का तर्क है कि हास्पिटल के निर्माण कार्य देर से शुरू हुआ जिस वजह से यह अंतर आ गया लेकिन इतना अधिक अंतर कैसे हो सकता है। इसकी जानकारी मिलने पर शासन ने निर्माण कार्यो की फाइले तलब कर ली हैं। शासन कार्यदायी संस्था के जांच के आदेश देने की तैयारी में है। वहीं अस्पताल प्रशासन का कहना है कि निर्माण समाग्री की दर बढऩे की वजह से स्वीकृत बजट से अधिक राशि निर्माण कार्य पर खर्च हुई है।
मायावती की सरकार जाने के बाद घोटाले पर घोटाले खुलते जा रहे हैं अब बलरामपुर अस्पताल में बनरहे सुपर स्पेशलिटी हास्पिटल के निर्माण कार्य में भी घोटाले की बात कही जा रही है। कार्यदायी संस्था ने स्वीकृत बजट से दो गुनी राशि निर्माण कार्य पर खर्च कर दी।
प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने अस्पताल के स्थापना दिवस पर सुपर स्पेशलिटी हास्पिटल बनाने की घोषणा की थी जिसके लिए शासन से 8 करोड़ रुपए का बजट वर्ष 2005 में जारी हो गया था। निर्माण कार्य राजकीय निर्माण निगम को सौपा गया था।
कार्यदायी संस्था ने सात साल में निर्माण कार्य पूरा किया। जिसके लिए तकरीबन 18 करोड़ 27 लाख रुपए अधिक की राशि खर्च की गई। अधिकारियों का कहना है कि निर्माण सम्रागी की दर सात साल में कई गुना बढ़ गई थी। जिसवजह से स्वीकृत लागत से अधिक राशि निर्माण कार्यो पर खर्च हो गई। फिलहाल शासन ने मामले की जांच कराने की तैयार कर ली है।
शासन ने निर्माण कार्यो से जुड़ी फाइले तलब कर ली है। सूत्रों का कहना है निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। वहीं चिकित्सालय प्रशासन का कहना है कि सुपर स्पेशलिटी हास्पिटल के निर्माण कार्य का एजेंसी ने कराया था जिसमें अस्पताल की कोई भी भूमिका नहीं थी।












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