मौज मस्ती के लिए लुटेरे बन गये छात्र

पुलिस के अनुसार युवकों के पास कोई कमीं नहीं थी लेकिन मंहगें शौक व क्लबों में जाने की आदत ने उन्हें इस रास्ते पर पहुंचा दिया। डीआईजी आशुतोष पाण्डेय ने बताया कि पुलिस ने मंगलवार की रात सर्विलांस की मदद से डालीगंज निवासी शान्तनु शर्मा को गिरफ्तार किया। उसने पास से 2 अप्रैल को गोल मार्केट के पास से लूटा गया मोबाइल फोन मिला। पूछताछ की गयी तो उसने बताया कि वह मूल रूप से बहराइच का रहने वाला है और यहां एक निजी मोबाइल कम्पनी में कार्यरत है।
शान्तनु ने पुलिस को बताया कि उसने तीन साथी मिलकर शहर में इधर-उधर लूट की घटनाओं को अंजाम देते हैं। शान्तनु की इस सूचना पर पुलिस ने चंद्रशेखर आजाद छात्रावास लविवि सर्वेन्ट क्वाटर में रहने वाले मुन्ना, गोपाल, दीपक और मनकामेश्वर मंदिर निवासी अकराम को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उनके पास से लूटी गयी तीन चेन, चेन बेचकर एकत्र किये गय 27000 रुपये और एक मोटरसाइकिल बरामद की है।
आरोपी गोपाल, दीपक और रवी के घरवाले लविवि में चतूर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं,जबकि अकरम के पिता एक रेस्टोरेंट में चालक हैं। इन लुटेरों ने एक माह के भीतर ट्रांसगोमती इलाके में 7 लूट की घटनाओं को अंजाम दिया है। पूछतांछ में पता चला कि यह लड़के लूट की किसी की घटना को अंजाम देने से पूर्व नशा करते थे। जब नशा हो जाता था तो लूट को निकलते थे। लूट के माल को राजधानी के अलग-अलग इलाकों में बेचा जाता था ताकि पकड़े न जाएं। लूट के माल से मिले रुपये से यह लोग मौज-मस्ती करते थे।












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