शौक से शुरू होकर जुनून बना स्टंट

आयुष ने अपने बचपन में अपने बड़े भाई को साइकिल और बाइक से स्टंट करते देखा तो उसे लगा कि वह भी ऐसा कर सकता है फिर क्या था उसने साइकिल से स्टंटटिंग शुरू कर दी। भार्ईने तो अपना शौक छोड़ दिया लेकिन आयुष ऐसा नहीं कर सके। परिवार के दुलारे बेटे आयुष ने चचेरे भाई के इस शौक को अपना लिया है। 16 साल का आयुष अब स्टंटिंग में माहिर है। आज से पांच साल पहले लखनऊ में साइकिल स्टंटिंग तेजी से शुरू हुई जिसका श्रेय आमिर और आयुष को जाता है।
अब बाइक पर भी बना रहे हैं पकड़
आमिर सिर्फ साइकिल कि स्टंटिंग ही नहीं करते अब वह बाइक में भी अपनी पकड़ बना रहे है। जबकि आयुष साइकिल के दीवाने हैं। आमिर अपनी साइकिल को भी खुद ही बनाते है। इतना ही नहीं देश भर के साइकिल स्टनटर्स हर रोज़ आमिर और आयुष से स्टंटिंग कि तमाम जानकारी भी लेते है। इसके अलावा आमिर के करीबी दोस्त अमेरिका के डैनी मैकस्किल भी आमिर और आयुष से बहूत खुश है वह आमिर को फेस बुक पर तमाम जानकारी भी देतेहै। साइकिल स्टंटर्स में आमिर और आयुष आदर्श के रूप में जाने जाते है जैसे क्रिकेट में सचिन।
शहर के हर कोने में अब यह 300 से अधिक स्टंटर्स हर रविवार को इन दोनों से टिप्स लेने जाते है। युवा आमिर अब स्टनटिंग में ही अपना भविष्य तलाश रहे है। अभी हाल ही में उन्होंने हरियाणा गुडगाँव में एक इंटर नेशनल इवेंट में हिस्सा लिया था , जहा उन्होंने विदेशी स्टंटर्स को कड़ी टक्कर दी थी। आयुष का कहना है कि बेहद अफसोस कि बात है कि हम लोग जिस एडवेंचर स्पोर्ट्स को जी जान से करते है उसको लोग गलत शब्दों में बोलते है तो दु:ख होता है।
युवा आमिर ने कहे की वैसे तो मुझे विदेशो से ऑफर है की मै वह जाकर स्टंटटिंग करू, पर मेरा देश मेरा देश है यहाँ देर सही लकिन एक दिन यहाँ हम स्टंटर्स को एक न एक दिन मकाम ज़रूर मिलेगा। आयुष ने कहा की इसके लिए हम लोगो ने लखनऊ एडवेंचर स्पोर्ट्स साइकिल स्टंटिंग एसोसएशन भी बनाई है। जोकि 27 मई को लखनऊ में आल इंडिया साइकिल स्टंटिंग का आयोजन भी कर रही है।
गिनीज़ बुक ऑफ रिकॉर्ड को भेजी क्लिपिंग्स
आमिर और आयुष ने शहर, प्रदेश और पूरे देश में स्टंटर्स पैदा कर दिए है। फेस बुक और यूट्यूब पर अपनी धमक रखने वाले आमिर और आयुष ह्य अभी हाल ही में गिनीज़ बुक ऑफ वर्ड रिकॉर्ड को भी अपनी स्टंटिंग पिक्स एंड मूवी भेज चुके है। जो कि मुंबई कार्यालय से मांगी गए थी। साइकिल में ही अपना भविष्य देख रहे आमिर बताते है कि शहर में हमारे साथ 300 से ज्यादा स्टंटर्स है।
इस लिए हम अपना और इनका दोनों का भविष्य अच्छा देखना चाहते है। उन्होंने कहा कि अभी तो हम खेलो का दर्जा भी अपने देश प्रदेश में नहीं रखते। फिर भी इसकी जंग हम लड़ रहे है। अगर हमको यूपीओलम्पिक भविष्य में मौका देती है तो हम लोग ज़रूर देश के लिए कुछ करेंगे। फिलहाल इस जंग के लिए अकेले बीड़ा उठाने वाले आमिर बताते है कि उन्हें अब एक साइकिल संघ का जो प्लेट फॉर्म मिला है उससे उनका हौसला और भी बाद गया है।
शहर के स्टंटिंग ग्रुप- एड्ज राइडर्स, रोड मैनिक, ग्रेविटी बसटेर्ड, ब्रेकिंग किंग्स, मैक्स इनक्रेडेबेल दा राइडर्स, स्टंट ब्रेक डीवाइस, रेड एसिड, फ्री स्टैलर, एवुलेशन ग्रुप, ब्रेन स्टोरमिंग राइडर्स, स्पीड स्ट्राइक और जीरो ग्रेवेटी।
लखनऊ के टॉप स्टंनर्स और उनके स्टंटिंग नाम: आमिर (स्टंटट्रोलाजिस्ट), आयुष गुप्ता (दा- फ्री स्टाइलर), मनीष ( स्टंटट्रो साइकोलोजिस्ट), हर्षित (स्टंट दा फ्रेक), गौरव शाक्य (मैक्स इन्क्रीडेबेल दा राइडर्स), आदित्य शुक्ल (बनी हापर), आज़म हुसैन (ग्राविटी ज़ैपर), शोभित (एम् टी पी पंक), सैफ अली (ब्रेकिंग किंग्स), फराज (लिटिल साइको डी मैकस्किल)।












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