आयोग करेगा मायावती के घोटालों की जांच: अखिलेश

लखनऊ में मायावती द्वारा बनाये गये पार्कों और स्मारकों में लगीं हाथी की मूर्तियों में हुए घोटाले पर आपराधिक मामला दर्ज कर लिया गया है। इसकी जांच सीआईडी की आर्थिक अपराध शाखा करेगी। आरोप है कि सरकारी खजाने से हाथियों की असली कीमत से कई गुना ज्यादा कीमत वसूली गई हैं। इससे पहले माया के कार्यकाल में हुए एनआरएचएम की जांच का पारा इन दिनों पहले से ही गर्म है।
इस पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि हालांकि कई मामलों में घोटालों की जांच चल रही है लेकिन रोज नये-नये घोटाले सामने आ रहे हैं इसलिये राज्य सरकार चाहती है कि भ्रष्टाचार और घोटालों की जांच के लिये एक आयोग का गठन होना चाहिये।
उन्होंनें कहा कि विपक्षी दलों ने भी आज मु यमंत्री से घोटालों और भ्रष्टाचार की जांच के लिये आयोग के गठन की मांग की है। मुख्यमंत्री ने सोमवार को राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) में हुये करोड़ों रूपये के घोटाले में मायावती का नाम लिये बिना कहा था कि सच जल्द ही सामने आ जायेगा लेकिन स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन का कहना था कि इस घोटाले में पूर्व मु यमंत्री मायावती भी शामिल रही हैं। राज्य सरकार जांच एजेंसी को सभी दस्तावेज मुहैया करायेगी।
एनआरएचएम घोटाले में मायावती के कार्यकाल में परिवार कल्याण मंत्री रहे बाबू सिंह कुशवाहा, बसपा के पूर्व विधायक राम प्रसाद जायसवाल और भारतीय प्रशासनिक सेवा के एक वरिठ अधिकारी प्रदीप शुक्ला अभी जेल में बंद हैं।
वहीं उच्चतम न्यायालय के हज यात्रियों को दी जाने वाली राज सहायता (सब्सिडी) को दस साल में बंद करने के आदेश के बावजूद श्री यादव ने कहा कि राज्य से हज यात्रियों का कोटा आवश्यकता से कम है तथा कोटा बढ़ाने के लिये केन्द्र सरकार को विशेष अनुरोध पत्र भेजा जायेगा। उन्होंने कहा कि गाजियाबाद के हज हाऊस के निर्माण को एक साल में पूरा कराया जायेगा तथा वाराणसी में हज हाऊस के निर्माण के लिये जमीन की व्यवस्था जल्द की जायेगी। उन्होंने कहा कि सपा के पूर्व के कार्यकाल में राजधानी लखनऊ में हज हाऊस का निर्माण कराया गया था लेकिन पिछले पांच साल में इसका रखरखाव ठीक नहीं रखा गया और न मर मत करायी गयी।












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