एक बार फिर औंधे मुंह गिरेगी भाजपा, कांग्रेस

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लखनऊ। उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में करारी शिकस्‍त झेलने वाली कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी अगले एक महीने के अंदर एक बार फिर औंधे मुंह गिरने वाली है। यह इसलिए क्‍योंकि निकाय चुनाव को महज एक महीना रह गया है और पार्टी ने अभी तक एक भी प्रत्‍याशी की घोषणा नहीं की है। रही बात समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी की तो इन दोनों ने अपने प्रत्‍याशियों को पार्टी का चुनाव चिन्‍ह नहीं देने का फैसला पहले ही कर लिया है।

उत्‍तर प्रदेश चुनाव आयोग ने यूपी सरकार को 31 मई तक का समय दिया है, जबकि सरकार चाह रही है कि 20 मई तक अधिसूचना जारी कर दी जाये। अधिसूचना जारी होने में मात्र 20 दिन रह गये हैं और अभी न तो भाजपा ने और न कांग्रेस ने अपने प्रत्‍याशियों का ऐलान किया है। इनमें से कोई पार्टी अगर अपने प्रत्‍याशियों का ऐलान 15 मई तक भी करती है, तो भी प्रत्‍याशियों को तैयारियों का समय नहीं मिलेगा। तमाम लोग ऐसे हैं जो आधे-अधूरे जनसंपर्क के साथ मैदान में उतरेंगे।

लखनऊ समेत सभी बड़े शहरों के नगर निगमों के चुनाव के परिणामों से उनकी जमीनी मजबूती का आंकलन हो सकेगा। इससे यह भी पता चल सकेगा कि किस इलाके में उनके कितने ज्‍यादा वोटर हैं। हालांकि लखनऊ जैसे शहरों में यह बात लागू नहीं होती, क्‍योंकि पिछले कई वर्षों से यहां मेयर भाजपा का, विधायक किसी अन्‍य पार्टी का और सांसद भाजपा के रहे हैं।

मजेदार बात यह है कि अगर निकाय चुनाव में ज्‍यादा देरी हुई तो प्रत्‍याशियों के जनसंपर्क के आगे बारिश भी बाधाएं डाल सकती है। वहीं सपा और बसपा समर्थित नेताओं को कुछ फर्क नहीं पड़ने वाला क्‍योंकि उन्‍हें पार्टी ने अपना चुनाव चिन्‍ह नहीं प्रदान किया है। वे महज समर्थित प्रत्‍याशी के रूप में लड़ रहे हैं। यही कारण है कि उन्‍हें जनसंपर्क का पूरा मौका भी मिल रहा है।

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