ऑनलाइन गैस बुकिंग का गोरखधंधा, आप तो नहीं इसके शिकार?

कालाबाजारी करने वाले उपभोक्ताओं के नाम पर गैस बुकिंग करवाकर गैस कंपनियों व ग्राहकों को चूना लगा रहे हैं। मामला हिसार के अर्बन एस्टेट के मकान नंबर 684 निवासी रमेश कुमार का है। इन जनाब का नेशनल गैस एजेंसी में गैस कार्ड बना है। उनका उपभोक्ता कार्ड नंबर 893 है। उन्होंने इस कार्ड पर 31 जनवरी और 26 अप्रैल 2012 को दो बार बुकिंग की। इस दौरान उनके घर पर दोनों बार एलपीजी सिलेंडर नहीं पहुंचा।
कालाबाजारी में गैस एजेंसियों की मिलीभगत
ऑनलाइन चैक किया तो वे हैरान हो गए कि उनके कार्ड से तीन बार एलपीजी सिलेंडर की होम डिलीवरी हुई और उनके घर पिछले चार महीनों से एक बार भी सिलेंडर नहीं आया। एजेंसी में संपर्क किया तो उन्होंने ऑन लाइन सिस्टम को सही ठहराया।
रमेश कुमार ने इस मामले की शिकायत जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के साथ धांसू रोड स्थित भारत गैस के मुख्य कार्यालय में भी भेजी है। इस शिकायत को भी आज एक सप्ताह से ज्यादा हो चुका है, मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि बल्कि शिकायत भेजने के बाद भी 1 मई को उनके गैस कार्ड से एजेंसी ने सिलेंडर बेचा है।
उनका आरोप है कि कालाबाजारी करने वाले एजेंसी वालों से ही अवश्य मिले हुए हैं। ऐसे में पिछले करीब 4 महीनों से वे मजबूरन कालाबाजारी से ही सिलेंडर खरीद कर घर में चूल्हा जला रहे हैं। उपभोक्ता रमेश कुमार ने बताया कि उन्होंने एजेंसी से 13 जनवरी को इस साल में पहला सिलेंडर लिया था। उन्होंने 31 जनवरी को बुकिंग कराई गैस सिलेंडर आने का करीब एक महीने तक इंतजार किया।
नेट पर जानकारी जुटाई तो हैरान रह गए कि उनको सिलेंडर मिल चुका है और यह सिलेंडर उनके घर भी पहुंच गया है। उन्होंने एजेंसी में कार्यरत कर्मचारियों से बात की तो उन्होंने ऑन लाइन सुविधा को सही बताया और अब अगले महीने ही सिलेंडर मिलने की बात कही।
करीब डेढ़ महीने बाद जब उन्होंने दोबारा गैस की ऑन लाइन बुकिंग करानी चाही तो और दंग रह गए कि इंटरनेट पर इस बार 4 मार्च को बुकिंग के साथ रसोई गैस की डिलीवरी भी हो गई है। एक महीने बाद जब दोबारा नेट के जरिए बुकिंग करानी चाही तो यह देख और दंग हो गए कि उनके कार्ड नंबर पर बुकिंग कराई हुई है और 13 अप्रैल को उसकी डिलीवरी भी हो गई।
इतना ही उनके कार्ड पर हाल ही में जब 26 अप्रैल को बुकिंग कराई और कल उन्होंने इंटरनेट पर बुकिंग नंबर के अनुसार उनका नंबर आने की जानकारी जुटानी चाही तो पता चला कि 1 मई को उनके कार्ड से तीसरी बार डिलीवरी हो गई और उनके घर रसोई गैस का सिलेंडर एजेंसी की तरफ से पिछले चार महीने में एक बार भी डिलीवर नहीं हुआ।
उन्होंने बताया कि हर बार उन्होंने एजेंसी में संपर्क किया और मामले की जानकारी भी दी, मगर हर बार उनके नंबर पर गैस की सप्लाई हुई जो उनके घर नहीं पहुंची। यह केवल एक मामला है। जाहिर ऐसे सैकड़ों मामले होंगे। ऐसे में जरूरत है तो सिर्फ सावधानी की।












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