यौन संबंध की उम्र पर विचार करे सरकार: कोर्ट

अडिशनल सेशन जज कामिनी लौ ने कहा, "यह वक्त है कि संसद सामाजिक व्यवहार और सोशल इमोशंस को देखते हुए आयु को लेकर सहमति-सुरक्षा से जुड़ी मंजूरी देने संबंधी मौजूदा कानून पर विचार करें।" अदालत की ओर से यह टिप्पणी एक लड़की के कथित अपहरण के मामले में युवक को बरी करते हुए की गई।
गौरतलब है की इस युवक पर आरोप लगाया गया था कि इसने जबरन शादी करने के लिए उसने लड़की का अपहरण किया था। स्थानीय अदालत ने कहा कि आरोपी युवक और लड़की के बीच प्रेम संबंध था तथा परिवार वालों के विरोध के कारण उन्हें भागना पड़ा। परिवार वाले नहीं चाहते थे कि दोनों शादी करके खुशहाल जिंदगी बसर करें।
अदालत ने कहा, "प्रेम कर रहे नौजवानों को दंडित करने के लिए हमारे देश के कानून तंत्र का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता और यह अदालत भी उस स्थिति में इनकी जिंदगी को बर्बाद नहीं कर सकती, जब खासकर उनके बीच उम्र का फासला स्वीकार्य सीमा तक है और कोई जोर-जबरदस्ती वाली स्थिति भी नजर नहीं आती।"
अदालत ने कहा, "इस मामले को अब यहीं विराम दे देना चाहिए। किसी भी परिस्थिति में इन नौजवानों का भविष्य उनके अतीत को उजागर करके बर्बाद नहीं किया जा सकता।"
आपको बताते चलें की अदालत ने अशोक विहार के निवासी अभियुक्त कृष्ण राय चौधरी को बरी कर दिया। उस पर 20 अक्टूबर, 2008 को लड़की को जबरदस्ती शादी करने की मंशा से अगवा करने का आरोप लगाया गया था। वहीं दस्तावेजी जांच के बाद पता चला कि घटना के वक्त लड़की की उम्र 18-19 साल की थी और आरोपी के खिलाफ कोई भी सबूत नहीं मिल सके जिस कारन उसे बरी कर दिया गया।












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