अग्नि-5 को लेकर क्यों मची है खलबली?

इससे पहले अग्नि-3 और अग्नि-4 को भारतीय सेना में शामिल किया गया था, जिसकी मारक क्षमता 3500 किमी थी। 5000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम इस मिसाइल का प्रक्षेपण एकीकृत परीक्षण रेंज के पैड-4 से ओडिशा में बालासोर के निकट समुद्र में व्हीलर द्वीप में किया जाएगा। इस मिसाइल का परीक्षण करने के लिए विभिन्न विभागों और संस्थानों से स्वीकृति भी ली जा चुकी है। हो सकता है जब आप यह खबर पढ़ें तब इस मिसाइल का परीक्षण हो चुका हो, लेकिन हम यहां प्रकाश डाल रहे हैं इसकी खूबियों पर।
डीआरडीओ के चीफ वीके सारस्वत द्वारा बताया गया है कि अगर परीक्षण सफल रहा तो भारत विश्व की चुनिंदा शक्तियों में शामिल हो जाएगा। फिलहाल अमेरिका, रूस, फ्रांस और चीन के पास आईसीबीएम हैं। लॉन्च से पहले अग्नि-5 का थ्री डी मॉडल भी जारी किया गया है।
अग्नि-5 को लेकर क्यों मची है खलबली
- डीआरडीओ के मुताबिक अग्नि 5 की रेंज 5000 किमी तक है।
- पाकिस्तान, चीन समेत कई यूरोपीय देश इसकी जद में होंगे।
- अग्नि 5 5000 किलोमीटर की रेंज में कहीं भी एटम बम गिराने में सक्षम है।
- मिसाइल का निशाना बेहद सटीक होगा।
- 2014 में इसे भारतीय सेना में शामिल किया जायेगा।
- इसकी लंबाई 17 मीटर है, जिसमें ठोस ईंधन भरा होगा।
- इस मिसाइल के आने के बाद पूरा विश्व भारत से डरने लगेगा, क्योंकि अफरीका, यूरोप और पूरा एशिया इसकी जद में होगा।
- यह दुश्मन देशों की सेटेलाइट को भी ध्वस्त कर सकती है।
- युद्ध के समय यह तभी छोड़ी जा सकेगी जब प्रधानमंत्री ऑर्डर करेंगे।












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