सुपर कंप्‍यूटर अब बनाएगा मनुष्‍य का दिमाग

brain
लंदन। वैज्ञानिकों का दावा है कि वे विश्व के सबसे शक्तिशाली सुपर कम्प्यूटर की मदद से मानव मस्तिष्क की तरह की संरचना बनायेंगे जिससे अल्जाइमर जैसी बीमारियों के इलाज मैं मदद मिलेगी। इस परियोजना पर कार्य करने वाले दल का कहना है कि मस्तिष्क के रहस्यमय कामकाज के तरीके का अभी तक जो खुलासा हुआ है उसे इस मस्तिष्क में संयोजित किया जाएगा और उसकी एक स्क्रीन पर नकल बनायी जाएगी।

वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि वे इस मस्तिष्क को बनाने का काम 12 वर्ष में पूरा कर लेंगे। डेली मेल ने कहा कि यदि यह मस्तिष्क काम करता है तो यह अल्जाइमर और पार्किंसन जैसी मस्तिष्क की गंभीर बीमारियों को समझने में काफी मदद मिलेगी। इसके साथ ही इससे इस बात पर भी प्रकाश डाला जा सकेगा कि हम कैसे सोचते हैं और निर्णय करते हैं।

गौरतलब है कि इससे पहले एक अध्ययन रिपोर्ट में बताया गया था कि बाएं हाथ से टाइपिंग करना आपको उदास बना सकता है। वैज्ञानिकों ने बताया है कि बांए हाथ से टाइपिंग करने से आपके दिमाग में नकारात्‍मक विचारों को जन्‍म देते है।

ऐसा अंदेशा है कि बांए हाथ से टाइ वैज्ञानिकों को यह पक्का नहीं पता चला है कि बाएं हाथ से अधिक टाइप करने से टाइप करने वाले के दिमाग में अधिक नकारात्मक विचार क्‍यों आते हैं लेकिन इसका इस बात से जरूर कुछ लेना देना हो सकता है कि दाएं हाथ को कम शब्द टाइप करने पड़ते हैं।

क्वेर्टी कीबोर्ड पर अक्षरों की कुंजियों को इस प्रकार सेट किया जाता है कि टाइप करने वाला बाएं हाथ से 15 शब्द टाइप करता है और उसे अपने दाएं हाथ के मुकाबले अधिक मेहनत करनी पड़ती है। दाएं हाथ को केवल 11 शब्द ही टाइप करने पड़ते हैं। डेली टेलीग्राफ में यह रिपोर्ट प्रकाशित हुई है। शोधकर्ताओं का कहना है कि बाएं हाथ पर अधिक जोर पड़ने से थकावट अधिक होती है और इससे नकारात्मक भाव पैदा होता है।

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