दिल्ली के दिल पर भाजपा का राज, कांग्रेस हारी
दिल्ली (ब्यूरो)। एमसीडी चुनाव में भाजपा ने बाजी मार ली है। उसे तीनों निकायों पूर्वी-दक्षिणी और उत्तरी में बहुमत प्राप्त होता दिख रहा है। कांग्रेस को करारी हार मिली है। बसपा तीसरी पार्टी के रूप में उभरी है। हालांकि इस हार के पीछे क्या कारण है यह तो बाद में तय होगा पर कयास लगाया जा रहा है कि कांग्रेस के इस हार में अन्ना फैक्टर के साथ ही साथ महंगाई, बिजली-पानी ने खूब भूमिका निभाई है।
| उत्तरी 104/104 | दक्षिण 104/104 | पूर्वी 57/64 | 2012 में कुल सीटें | 2007 में | |
| भाजपा | 59 | 44 | 35 | 138 | 168 |
| कांग्रेस | 29 | 30 | 19 | 78 | 64 |
| अन्य | 16 | 30 | 10 | 56 | 40 |
आपको बता दें एमसीडी पर पिछले पांच सालों से भाजपा का कब्जा है। भाजपा के इस गढ़ को तोड़ने के लिए ही कांग्रेस की शीला दीक्षित सरकार ने पिछले साल इसे तीन भागों में बांट दिया था जिससे कि कांग्रेस को भी एमसीडी में कुछ भाग मिल सके पर उसका यह ख्वाब पूरी तरह से धराशायी हो गया है।

राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी तीन निगमों के 272 में से 206 वार्डों के परिणामों की घोषणा की है जिसमें से भाजपा को 106 वार्डो में जीत मिली है और कांग्रेस को 60 सीटें हासिल हुई है।
बसपा को 14 सीटें, रालोद को तीन, राकांपा और सपा को दो-दो तथा जद यू एवं इनेलो को एक-एक सीट पर जीत हासिल हुई है। 17 वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवार जीत गए हैं। रविवार को नगर निगम के 272 वार्डो के लिए मतदान
हुआ था।
प्राप्त रूझानों के मुताबिक, दक्षिण दिल्ली नगर निगम में भाजपा 104 वार्डो में 43 पर या तो बढ़त बनाए हुए है या जीत दर्ज की है। जबकि कांग्रेस 30 सीटों पर आगे चल रही है। अश्चर्यजनक रूप से इस क्षेत्र में अन्य उम्मीदवार 26 सीटों पर आगे चल रहे हैं। पूर्वी दिल्ली में 64 वार्डो में भाजपा 34 पर बढ़त बनाए हुए है जबकि कांग्रेस 26 वार्ड में आगे चल रही है।
उत्तरी दिल्ली नगर निगम के 104 वार्डों में भाजपा 61 वार्डो में बढ़त बनाए हुए है वहीं कांग्रेस 16 सीटों पर आगे चल रही है। राज्य निर्वाचन आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शहर भर में 33 केंद्रों पर 272 वार्डो के लिए मतों की गिनती का काम चल रहा है।












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