उमर अब्दुल्ला ने जीत ली जरदारी से शर्त

एक चैनल को दिए साक्षात्कार में उमर ने कहा कि 2006 में पाकिस्तान यात्रा के दौरान उन्होंने जरदारी से कहा था कि वह जब कभी भारत दौरे पर आएंगे कश्मीर नहीं जा सकेंगे। नतीजा सामने है। जरदारी शर्त हार गए पर अभी तक मेरा एक रुपये नहीं दिया। यह पूछने पर कि क्या वह चाहते थे कि जरदारी कश्मीर की यात्रा करें, उन्होंने कहा, निश्चित तौर पर। यह लंबे समय से लंबित है। किसी भी पाकिस्तानी नेता ने लंबे समय से जम्मू-कश्मीर की यात्रा नहीं की है।
उमर ने कहा कि वह गुलाम कश्मीर के मीरपुर और मुजफ्फराबाद की यात्रा करना चाहेंगे। निजी यात्रा पर भारत आए जरदारी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बीच हुई 40 मिनट की वार्ता से प्राथमिक तौर पर उमर को ज्यादा उम्मीद नहीं दिखी। उमर ने कहा कि जरदारी की यात्रा को लेकर निराश होने की जरूरत नहीं है। हम संपर्क को बनाए रखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि दोनों पड़ोसी देशों के लिए जम्मू और कश्मीर का मुद्दा बहुत महत्वपूर्ण है, जोकि काफी दिनों से लंबित पड़ा है।
सकारात्मक बात यह है कि इस बार पाकिस्तान से यह सुनने को नहीं मिला कि कश्मीर पहले और बाकी सब बाद में। मनमोहन सिंह के पाकिस्तान से मिले न्योते के बारे में उन्होंने कहा कि यह यात्रा अभी प्रस्तावित है, लेकिन इससे पहले सीमा पार से पाकिस्तान द्वारा पोषित आतंकवाद पर विराम लगना चाहिए।












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