लादेन की पत्नी बोली- 2002 से पाक में था ओसामा

फतेह का यह खुलासा 19 जनवरी की तारीख वाली पुलिस रिपोर्ट में शामिल है। रिपोर्ट की मानें तो फतेह ने साल 2000 में ओसामा बिन लादेन से शादी की रजामंदी दी थी क्योंकि उसकी ख्वाहिश किसी मुजाहिद से ब्याही जाने की थी। जुलाई 2000 में वह कराची आयी और महीनों बाद अपने पति और उसकी दो और बीवियों के पास अफगानिस्तान चली गयी जहां ओसामा कंधार प्रांत के बाहरी इलाके में रहता था। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 11 सितंबर के हमले की वजह से लादेन का परिवार बिखर गया।
फतेह अपनी नवजात बच्ची साफिया के साथ फिर कराची लौट आयी और वहां तकरीबन नौ महीने रही। इस दौरान वह सात मकानों में रही जिसका इंतजाम किसी पाकिस्तानी परिवार और लादेन के बड़े बेटे साद ने किया था। साल 2002 के आखिरी छह महीने में उसने कराची छोड़ दिया। तब एक बार फिर फतेह को अपने शौहर के साथ रहने का मौका मिला।
यह ऐसा वक्त था जब अमेरिका जोर-शोर से लादेन की तलाश में जुटा था क्योंकि अल कायदा के लड़कों ने केन्या में एक इस्राइली शख्स के होटल और इंडोनेशिया के नाइट क्लबों पर दहशतगर्दी हमले किए थे। इन दिनों पाकिस्तान-अफगानिस्तान के सीमाई इलाकों में सरगर्मी से ओसामा की तलाश की जा रही थी। फतेह ने अधिकारियों को बताया कि लादेन अपने परिवार को पश्चिमोत्तर पाकिस्तान के कबायली नहीं बल्कि पहाड़ी इलाकों में लेकर चला आया था।
जबकि पश्चिमी देश कबायली इलाकों में लादेन को तलाश रहे थे। लादेन की बीवी ने बताया कि वे पहले इस्लामाबाद से 80 मील की दूरी पर स्थित स्वात के शांगला जिले में ठहरे। यहां उन्होंने आठ-नौ महीनों का अपना ठहराव दो मकानों में बिताया। फिर साल 2003 में वे हरिपुर चले गए जो इस्लामाबाद से सटा एक छोटा सा शहर है। यहां उन्होंने किराए के एक मकान में दो साल बिताए। हरिपुर में ही फतेह ने साल 2003 में अपनी बेटी आसिया को जन्म दिया जबकि 2004 में वह इब्राहिम की मां बनी। दोनों बच्चे हरिपुर के एक सरकारी अस्पताल में ही पैदा हुए।












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