मैं मूर्ख नहीं कि सभी सरकारी स्कूल बंद करने को कहूं: श्रीश्री

उन्होंने कहा, "मेरा पूरा बयान नक्सल प्रभावित इलाके पर केंद्रित था। नक्सल प्रभावित इलाके में सरकारी स्कूल ठीक से नहीं चल रहे हैं। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली लोग हमारे संपर्क में हैं। उनका बयान है कि शिक्षा में पहले ऐसी बात समझ में आ जाती तो शायद हमारा जीवन ऐसा नहीं जाता। मैं उनकी बात ही दोहरा रहा था। नक्सल प्रभावित इलाकों के सरकारी स्कूलों को निजी क्षेत्र के लोगों को लेना था। हमने भी 185 स्कूल दिये हैं।"
श्री रविशंकर ने कहा, "मेरे वक्तव्य को गलत ढंग से पेश किया गया। जो विरोध कर रहे हैं करें, उनके बारे में मुझे सफाई देने की क्या जरूरत है। जब मैंने ऐसा कहा ही नहीं तो मैं क्यों स्पष्टीकरण दूं। हमने तो ऐसी बात की नहीं तो बस बात खत्म। हमें कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा हमने कभी नहीं कहा कि कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, महाराष्ट्र में नक्सली पैदा हो रहे हैं। देश भर में ढेर सारे स्कूल चल रहे हैं। सभी स्कूलों में नक्सली थोड़े ही पैदा हुए हैं।"
रविशंकर ने कहा कि सरकारी स्कूल में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम समेत अनेकों मेधावी लोग पढ़े हैं। ऐसे में यह बयान थोड़े ही देंगे कि सारे सरकारी स्कूल बंद कर दिया जाये। उन्होंने कहा, "मैं अभी भी नक्सल प्रभावित इलाकों के सरकारी स्कूल की बात कर रहा हूं जिनमें अध्यापक आते ही नहीं है। यदि आते हैं तो आधे दिन के लिए। मैंने इस तरह के स्कूलों को निजी क्षेत्र में चलाने की बात कही है। मैं आज भी इस बयान पर कायम हूं। मेरी बात पूरे नक्सल प्रभावित इलाके पर केंद्रित थी। मैं आज भी उसी बात पर कायम हूं। मैं अपने बयान को बदल नहीं रहा हूं।"












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